कवर्धा में गूंजी शहनाई : 272 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे

कवर्धा। कबीरधाम जिले के सरदार पटेल मैदान में आयोजित भव्य समारोह में 272 जोड़ों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ एक-दूसरे का हाथ थामा। इस कार्यक्रम की खास बात यह रही कि उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने स्वयं वधु पक्ष का ‘घराती’ बनकर बारात का स्वागत किया। उन्होंने न केवल बारातियों का पुष्पगुच्छ से अभिनंदन किया, बल्कि ‘समधी’ की भूमिका निभाते हुए आत्मीयता से सभी का स्वागत (परघौनी) किया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर वर्चुअल माध्यम से जुड़कर नवविवाहित जोड़ों को अपना शुभाशीष दिया।
योजना की मुख्य विशेषताएं और आर्थिक सहायता
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना केवल एक रस्म नहीं, बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए एक बड़ा संबल बनकर उभरी है।
आर्थिक अनुदान: प्रत्येक नवविवाहित जोड़े को शासन की ओर से 35,000 रुपये की सहायता राशि का चेक और घरेलू सामग्री भेंट की गई।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: इस योजना की नींव 2005 में डॉ. रमन सिंह द्वारा रखी गई थी ताकि बेटियों की शादी के लिए परिवारों को कर्ज न लेना पड़े।
सामूहिक सहभागिता: रायपुर के बाद कवर्धा में सबसे अधिक जोड़ों का विवाह एक साथ संपन्न होना जिले के लिए गौरव का विषय रहा।
सांस्कृतिक वैभव: डंडा खेल और भव्य बारात
विवाह का उत्सव कवर्धा की पुरानी मंडी से शुरू हुआ, जहां से बैंड-बाजे और आतिशबाजी के साथ 272 दूल्हों की सामूहिक बारात निकाली गई। छत्तीसगढ़ी लोक संस्कृति की झलक तब देखने को मिली जब बारातियों का स्वागत पारंपरिक ‘डंडा खेल’ के माध्यम से किया गया।
“सुखी जीवन का मूल मंत्र एक-दूसरे का सम्मान करना और हर परिस्थिति में साथ निभाना है। शासन का प्रयास है कि समाज का हर परिवार अपनी बेटियों का विवाह गर्व के साथ कर सके।”
— विजय शर्मा, उपमुख्यमंत्री
अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
इस मांगलिक अवसर पर पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा, कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा सहित जिले के तमाम जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने नवदंपतियों को उपहार भेंट किए और उनके सुखद भविष्य की कामना की।
















