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भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के असर से शेयर बाजार में भारी उछाल, सेंसेक्स और निफ्टी नए शिखर पर

नई दिल्ली (एजेंसी)। सोमवार को भारतीय शेयर बाजार ने सप्ताह का आगाज़ शानदार बढ़त के साथ किया। भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते (Trade Deal) के फ्रेमवर्क की घोषणा होते ही निवेशकों में भारी उत्साह देखा गया, जिससे बाजार के दोनों प्रमुख सूचकांक रिकॉर्ड स्तर पर जा पहुंचे।

बाजार की ओपनिंग: रिकॉर्ड तोड़ तेजी

कारोबारी सत्र की शुरुआत होते ही BSE सेंसेक्स ने जबरदस्त छलांग लगाई और 84,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर लिया। इसी तरह, NSE निफ्टी भी अपनी पिछली क्लोजिंग से ऊपर बढ़ते हुए 26,000 के बेहद करीब पहुंच गया।

सेंसेक्स का हाल: पिछला बंद 83,580.40 था, जबकि आज यह 84,177 पर खुला और देखते ही देखते 84,314 के स्तर को छू लिया।

निफ्टी की चाल: शुक्रवार को 25,693.70 पर बंद होने के बाद, आज यह 25,888.70 पर ओपन हुआ और 25,922 तक जा पहुंचा।

इन शेयरों में रही सबसे ज्यादा हलचल

बाजार खुलते ही दिग्गज कंपनियों (Blue-chip stocks) के शेयरों में खरीदारी की होड़ मच गई। विशेष रूप से बैंकिंग, आईटी और स्टील सेक्टर में जबरदस्त रौनक रही:

दिग्गज कंपनियां (Largecap): एसबीआई (SBI) में 6% से अधिक की तेजी देखी गई। इसके अलावा टाइटन, टाटा स्टील, कोटक बैंक और रिलायंस के शेयर भी हरे निशान में कारोबार करते दिखे।

आईटी सेक्टर: टीसीएस (TCS), एचसीएल टेक (HCL Tech) और इंफोसिस जैसे आईटी स्टॉक्स में भी मजबूती दर्ज की गई।

मिडकैप और स्मॉलकैप: गोदरेज प्रॉपर्टीज, भारत फोर्ज और हिंदुस्तान कॉपर जैसे शेयरों में भी 2% से 5% तक का उछाल देखने को मिला।

वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत

भारतीय बाजार की इस तेजी के पीछे विदेशी बाजारों का भी बड़ा हाथ रहा। अमेरिकी बाजारों में शुक्रवार की मजबूती के बाद आज एशियाई बाजारों में भी ‘बुल रन’ देखने को मिला:

जापान का निक्केई (Nikkei) करीब 5% की बढ़त के साथ ट्रेड कर रहा था।

हांगकांग का हैंगसेंग और दक्षिण कोरिया का कोस्पी भी 1.5% से 4% की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे।

क्यों भाग रहा है बाजार?

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के स्पष्ट विवरण आने से अनिश्चितता खत्म हुई है। इस डील के तहत कई उत्पादों पर शुल्क (Tariff) खत्म या कम करने का प्रस्ताव है। अमेरिका द्वारा भारत पर लागू रेसिप्रोकल टैरिफ को घटाकर 18% करने के फैसले ने निवेशकों का भरोसा और मजबूत कर दिया है।

अस्वीकरण: शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। कोई भी निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।

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