धान खरीदी में गड़बड़ी पर कड़ा प्रहार, 38 कर्मियों पर गिरी गाज, 31 सस्पेंड और 3 पर FIR

रायपुर। छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन सत्र 2025-26 के दौरान समर्थन मूल्य पर हो रही धान खरीदी में लापरवाही और धांधली बरतने वालों के खिलाफ सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में औचक निरीक्षण के बाद कुल 38 कर्मचारियों पर बड़ी कार्रवाई की गई है। प्रशासन ने भ्रष्टाचार और अनियमितता के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए 31 कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है, जबकि 3 कर्मियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कराई गई है।
कार्रवाई का विवरण और प्रभावित जिले
खाद्य विभाग द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, यह कार्रवाई प्रदेश के 12 प्रमुख जिलों में की गई है, जिनमें रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, बेमेतरा, कबीरधाम, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, सक्ती, जगदलपुर, गरियाबंद, महासमुंद और बलौदाबाजार-भाटापारा शामिल हैं।
दोषी पाए गए कर्मचारियों में से:
31 कर्मचारी: निलंबित।
01 कर्मचारी: सेवा समाप्त (बर्खास्त)।
02 कर्मचारी: सेवा से पृथक।
01 कर्मचारी: कार्य से मुक्त।
03 कर्मचारी: आपराधिक मामला (FIR) दर्ज।
किन कारणों से हुई कार्रवाई?
जांच के दौरान धान खरीदी केंद्रों पर कई तरह की गंभीर अनियमितताएं पाई गईं, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
स्टॉक में हेराफेरी: कई केंद्रों पर फिजिकल वेरिफिकेशन के दौरान धान का स्टॉक कम पाया गया, वहीं कुछ जगहों पर रिकॉर्ड से अधिक धान मिला।
गुणवत्ता से समझौता: अमानक (खराब गुणवत्ता) धान की खरीदी करने पर कड़ा एक्शन लिया गया है।
नियमों का उल्लंघन: बिना आवक पर्ची के धान लेना, छुट्टियों के दिन खरीदी करना और बारदाना वितरण में गड़बड़ी।
किसानों का शोषण: रायपुर जिले में किसानों से अवैध वसूली के आरोप में एक ऑपरेटर की सेवा समाप्त कर दी गई है।
फर्जी खरीदी: महासमुंद और बेमेतरा जैसे जिलों में फर्जी टोकन और गलत तरीके से धान खरीदी के मामले सामने आए हैं।
जिलावार मुख्य कार्रवाई:
दुर्ग और बेमेतरा: झीट, गोढ़ी और बोरतरा समेत कई केंद्रों के प्रबंधकों को स्टॉक में गड़बड़ी और अमानक धान के लिए निलंबित किया गया। मऊ (बेमेतरा) के सहायक प्रबंधक पर फर्जी खरीदी हेतु FIR दर्ज हुई।
बिलासपुर: एरमसाही केंद्र प्रभारी के खिलाफ 920 बोरी धान कम मिलने पर आपराधिक मामला दर्ज किया गया।
महासमुंद: सिंगबहाल केंद्र प्रभारी बुद्धिवंत प्रधान के विरुद्ध अनियमितता के लिए FIR दर्ज कराई गई है।
जांजगीर-चांपा: अवकाश के दिन काम करने और नियमों की अवहेलना पर कंप्यूटर ऑपरेटर और भृत्य समेत तीन को सस्पेंड किया गया।
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि धान खरीदी की प्रक्रिया में पारदर्शिता बेहद जरूरी है और किसी भी स्तर पर गड़बड़ी पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों को बख्शा नहीं जाएगा।
















