सरगुजा के किसानों की होली हुई खुशहाल : मुख्यमंत्री साय ने अंतरित किए 237 करोड़ रुपये

रायपुर/अम्बिकापुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के किसानों को होली का अग्रिम उपहार देते हुए ‘कृषक उन्नति योजना’ के तहत बड़ी आर्थिक सहायता प्रदान की है। अम्बिकापुर के कृषि विज्ञान केंद्र में आयोजित एक भव्य किसान सम्मेलन के दौरान, मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से सरगुजा जिले के 52,553 किसानों के बैंक खातों में धान की अंतर राशि के रूप में 237 करोड़ 89 लाख रुपये से अधिक की राशि सीधे ट्रांसफर की।
प्रमुख बिंदु: खेती बन रही है फायदे का सौदा
इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने पाँच किसानों को प्रतीक स्वरूप प्रमाण पत्र भेंट किए। उन्होंने अपने संबोधन में निम्नलिखित महत्वपूर्ण बातें कहीं:
मोदी की गारंटी का पालन: सरकार ने अपने वादे के अनुरूप 21 क्विंटल प्रति एकड़ की दर से धान की खरीदी सुनिश्चित की है।
किसानों को सम्मान: 52 हजार से अधिक किसानों को उनकी मेहनत का सही मूल्य होली से पहले मिलना एक बड़ी उपलब्धि है।
व्यापक सहायता: कृषक उन्नति योजना के अलावा, भूमिहीन कृषि मजदूरों को भी सालाना 10 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है।
सुगम व्यवस्था: गाँवों में सीएससी केंद्रों और ऑनलाइन प्रणालियों के माध्यम से किसानों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा रहा है।
विविध फसलों को प्रोत्साहन
जिला पंचायत सदस्य एवं कृषि स्थायी समिति की अध्यक्ष श्रीमती दिव्या सिंह सिसौदिया ने कहा कि छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था की रीढ़ किसान हैं। उन्होंने खुशी जाहिर की कि अब सरकार केवल धान ही नहीं, बल्कि दलहन, तिलहन, रागी, कोदो और कुटकी उगाने वाले किसानों को भी आर्थिक मदद दे रही है, जिससे राज्य में खेती अब मुनाफे का व्यवसाय बनती जा रही है।
सुव्यवस्थित धान खरीदी प्रक्रिया
कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने प्रशासनिक तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि जिले के 54 उपार्जन केंद्रों पर धान की खरीदी का कार्य अत्यंत संवेदनशीलता के साथ पूरा किया गया। सरकार द्वारा समय-सीमा बढ़ाए जाने के कारण कोई भी पात्र किसान इस लाभ से वंचित नहीं रहा। वर्तमान में धान के उठाव का कार्य भी तेजी से चल रहा है।
इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य श्रीमती पायल सिंह तोमर, श्रीमती अनिमा केरकेट्टा, अम्बिकापुर जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री विक्रम सोनपाकर सहित भारी संख्या में जनप्रतिनिधि, सरपंच, पंच और जिले के प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे। साथ ही जिला प्रशासन और कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी कार्यक्रम में अपनी सहभागिता दर्ज कराई।
















