घर बैठे कमाई के जाल में फंसी स्कूल प्रिंसिपल, गँवाए ₹22 लाख

रायपुर। राजधानी में साइबर अपराधियों ने एक बार फिर “टास्क आधारित कमाई” का लालच देकर एक बड़ी ठगी को अंजाम दिया है। इस बार शिकार बनी हैं सरस्वती नगर क्षेत्र की एक निजी स्कूल की प्रभारी प्राचार्या, जिनसे जालसाजों ने करीब 21.91 लाख रुपये की धोखाधड़ी की है।
कैसे बुना गया ठगी का जाल?
यह मामला सितंबर 2025 में शुरू हुआ जब पीड़िता, मनीषा कुलदीप को ‘क्वालिटी टास्क लिंकेज’ नामक एक टेलीग्राम ग्रुप में शामिल किया गया। ठगों ने उन्हें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (इंस्टाग्राम और फेसबुक) पर पोस्ट लाइक और शेयर करने के बदले पैसे देने का वादा किया था।
ठगों ने विश्वास जीतने के लिए मनोवैज्ञानिक तरीका अपनाया:
शुरुआती भरोसा: पहले छोटे निवेश (₹150 और ₹500) पर उन्हें तुरंत मुनाफा लौटाया गया।
लालच का विस्तार: जब पीड़िता को सिस्टम पर भरोसा हो गया, तो उन्हें बड़े निवेश पर अधिक कमीशन का झांसा दिया गया।
निकासी पर रोक: जब उन्होंने अपनी जमा राशि निकालने की कोशिश की, तो ‘तकनीकी खामी’ और ‘टैक्स’ के नाम पर बार-बार और पैसे जमा कराए गए।
कर्ज लेकर चुकाई रकम
धोखाधड़ी इतनी शातिर तरीके से की गई कि पीड़िता ने ठगों की मांग पूरी करने के लिए न केवल अपनी जमापूंजी लगाई, बल्कि गोल्ड लोन और पर्सनल लोन भी लिया। यहाँ तक कि उन्होंने अपने पति और भाई से पैसे उधार लेकर कुल 22 लाख रुपये से अधिक की राशि अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दी।
पुलिसिया कार्रवाई
जब आरोपियों ने पैसे वापस करने के बजाय और अधिक फंड की मांग जारी रखी, तब पीड़िता को ठगी का अहसास हुआ। सरस्वती नगर थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318-4 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। साइबर सेल की मदद से उन बैंक खातों की जांच की जा रही है जिनमें पैसे ट्रांसफर हुए थे।
सावधान रहें: सोशल मीडिया पर ‘लाइक-शेयर’ या ‘रिव्यू’ के बदले पैसे देने वाले टेलीग्राम ग्रुप अक्सर साइबर ठगी का माध्यम होते हैं। किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर पैसे निवेश न करें।
















