पीम जनमन योजना : जगदीश बैगा के कच्चे आशियाने को मिली पक्की छत

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। छत्तीसगढ़ के वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति के परिवारों के लिए ‘प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना’ वरदान साबित हो रही है। इसी कड़ी में गौरेला विकासखंड के ग्राम पंचायत अंधियारखोह के निवासी जगदीश बैगा की जिंदगी में खुशियों ने दस्तक दी है। वर्षों से एक सुरक्षित और पक्के घर की उम्मीद लगाए जगदीश का सपना अब हकीकत में बदल चुका है।
संघर्षों से भरे थे पुराने दिन
योजना का लाभ मिलने से पहले जगदीश बैगा अपने परिवार के साथ एक जर्जर कच्चे मकान में रहने को मजबूर थे। उनकी मुश्किलें केवल सुविधाओं की कमी तक सीमित नहीं थीं:
सुरक्षा का अभाव: कच्चे घर में हमेशा सांप, बिच्छू और अन्य जहरीले जीव-जंतुओं का डर बना रहता था।
मौसम की मार: मानसून के दौरान छत से पानी टपकने के कारण पूरा परिवार रात भर जागकर गुजारता था।
आर्थिक बाधा: आय के स्रोत बेहद सीमित होने के कारण स्वयं के खर्च पर पक्का मकान बनाना उनके लिए नामुमकिन सा था।
योजना ने बदली तकदीर
वर्ष 2023-24 में जब उन्हें इस योजना के तहत पक्के आवास की मंजूरी मिली, तो उनके जीवन की अनिश्चितता खत्म हो गई। शासन की इस पहल से न केवल उन्हें पक्की छत मिली, बल्कि परिवार को एक सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन भी प्राप्त हुआ।
“अब हमें न तो बारिश का डर है और न ही जंगली जीवों का खतरा। शासन की इस मदद ने हमारे सिर पर सुरक्षित छत दे दी है।” — जगदीश बैगा
आज जगदीश का परिवार गर्व के साथ अपने नए घर में रह रहा है। यह सफलता दर्शाती है कि पीएम जनमन योजना किस तरह समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति के जीवन स्तर में सुधार ला रही है।
















