उप मुख्यमंत्री साव ने किया पेयजल परियोजना का भूमिपूजन, 13 बस्तियों को मिलेगा शुद्ध पानी

रायपुर। रायपुर शहर के दीक्षा नगर और आस-पास की 13 बस्तियों की कई सालों से चली आ रही पानी की समस्या अब जल्द ही समाप्त हो जाएगी। उप मुख्यमंत्री और लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव ने आज राजधानी रायपुर के ठक्कर बापा वार्ड के अंतर्गत दीक्षा नगर स्थित गीतांजलि सोसायटी (उद्यान) में एक महत्वपूर्ण पेयजल आपूर्ति परियोजना का भूमिपूजन किया। इस परियोजना की अनुमानित लागत 19 करोड़ 60 लाख 74 हजार रुपये है।
सरकार की प्राथमिकता: हर घर तक शुद्ध पेयजल
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने भूमिपूजन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुँचाना है। उन्होंने कहा कि इस विकास कार्य के पूरा होने से दीक्षा नगर और आसपास के क्षेत्रों को वर्षों पुरानी पानी की समस्या से स्थायी निजात मिलेगी। श्री साव ने बताया कि पिछले 20 महीनों में विकास कार्यों के लिए 462 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत हुई है, जो केवल एक नगरीय निकाय से है। उन्होंने जोर दिया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में उनकी सरकार, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की हर गारंटी को पूरा कर रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि नगरीय निकाय के विकास के लिए पैसों की कोई कमी नहीं होगी। लोक निर्माण विभाग भी कई सौ करोड़ के विकास कार्य करा रहा है, जो जनता की मांग के अनुसार हो रहे हैं। उप मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि रायपुर नगर निगम के विकास के लिए जो भी प्रस्ताव आएगा, उसके लिए सभी वार्डों को 50-50 लाख रुपये दिए जाएंगे।
विकास कार्यों को मिलेगी नई गति
सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने इस अवसर पर कहा कि विकास कार्यों की एक नई शुरुआत हो रही है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि आज पानी टंकी का भूमिपूजन हुआ है और आने वाले दो वर्षों में सबके घरों तक स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति शुरू हो जाएगी। उन्होंने सड़कों के तेजी से हो रहे विकास की भी बात की और कहा कि आज बाहर के लोग भी महसूस करते हैं कि रायपुर की पहचान और तस्वीर बदल गई है। श्री अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में यह सरकार विकास के नए आयाम स्थापित कर रही है।
तय समय सीमा में कार्य पूरे करने का लक्ष्य
विधायक श्री राजेश मूणत ने स्वच्छ पेयजल को एक बड़ी आवश्यकता बताया और कहा कि सरकार सभी कार्यों को तय समय सीमा में पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि रायपुर के लिए सौगातों का सिलसिला शुरू हो गया है और विकास कार्य जनता की इच्छा के अनुरूप हो रहे हैं। महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने कहा कि यह भूमिपूजन लंबे समय से चली आ रही पेयजल की समस्या से आम लोगों को राहत दिलाएगा और स्वच्छ तथा नियमित पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करेगा।
पाँच हजार से अधिक आबादी होगी लाभान्वित
इस परियोजना के पूरा होने पर अनुमानित रूप से पाँच हजार से अधिक की आबादी को स्वच्छ और नियमित पेयजल आपूर्ति का लाभ मिलेगा। परियोजना के प्रमुख घटक निम्नलिखित हैं:
पानी टंकी का निर्माण: 200 किलोलीटर क्षमता की उच्च स्तरीय पानी टंकी (25 मीटर स्टेजिंग) का निर्माण 2 करोड़ 37 लाख 14 हजार रुपये की लागत से किया जाएगा।
पाइपलाइन और पम्पिंग: 600 मीटर की आर.एम.टी. डीआई के-09 पाइपलाइन से रॉ वाटर पम्पिंग और राइज़िंग मेन का कार्य 81 लाख 13 हजार रुपये में होगा।
वितरण पाइपलाइन: 40,000 मीटर लंबाई में डिस्ट्रीब्यूशन पाइपलाइन बिछाई जाएगी, जिस पर 14 करोड़ 61 लाख 05 हजार रुपये खर्च होंगे।
घरेलू कनेक्शन और मीटर: 1000 घरों तक नल कनेक्शन दिए जाएंगे और उतनी ही संख्या में वाटर मीटर लगाए जाएंगे, जिस पर 1 करोड़ 57 लाख 82 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे।
आधुनिक तकनीक: पेयजल आपूर्ति प्रणाली को आधुनिक बनाने के लिए पी.एल.सी. स्काडा ऑटोमेशन तकनीक भी लगाई जाएगी, जिसकी लागत 23 लाख 60 हजार रुपये होगी।
इस अवसर पर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक श्री राजेश मूणत, श्री मोतीलाल साहू, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, पार्षद श्रीमती प्रमिला बल्ला साहू, अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, विभागीय अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
















