छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य शिक्षा को मिलेगी नई ऊर्जा : कौशल विकास और सत्य साईं ट्रस्ट के बीच साझा करार

रायपुर। छत्तीसगढ़ के युवाओं को स्वास्थ्य सेवा (हेल्थकेयर) क्षेत्र में दक्ष बनाने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की गरिमामयी उपस्थिति में ‘छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण’ और ‘श्री सत्य साईं हेल्थ एंड एजुकेशन ट्रस्ट’ के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। महानदी भवन (मंत्रालय) में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य राज्य में चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता को बढ़ाना और युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खोलना है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम की मुख्य बातें
इस साझेदारी के तहत प्रदेश के युवाओं को आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों और तकनीकी कौशल का निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा। कार्यक्रम की प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:
निःशुल्क सुविधाएं: चयनित छात्रों को आवासीय और गैर-आवासीय, दोनों तरह के प्रशिक्षण मुफ्त प्रदान किए जाएंगे।
विशेषज्ञ पाठ्यक्रम: स्वास्थ्य क्षेत्र की मांग को देखते हुए चार विशेष कोर्स शुरू किए जा रहे हैं:
मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी
कार्डियोलॉजी एवं ईसीजी तकनीशियन
कार्डियक केयर तकनीशियन
इमरजेंसी मेडिकल तकनीशियन (EMT)
विकास की रीढ़ बनेगा कौशल विकास: मुख्यमंत्री
इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि कौशल विकास ही किसी भी राज्य की प्रगति का आधार है। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए केवल बुनियादी ढांचा ही नहीं, बल्कि कुशल कार्यबल (Skilled Workforce) का होना भी अनिवार्य है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि इस पहल से न केवल अस्पतालों को प्रशिक्षित कर्मचारी मिलेंगे, बल्कि दूरस्थ क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुँच सकेंगी।
समारोह में प्रमुख उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, कैबिनेट मंत्री गजेंद्र यादव और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह मौजूद रहे। श्री सत्य साईं हेल्थ एंड एजुकेशन ट्रस्ट की ओर से अध्यक्ष सी. श्रीनिवास और उनके प्रतिनिधिमंडल ने इस एमओयू की औपचारिकताओं को पूरा किया।
















