बस्तर में बदलाव की बयार : ‘नियद नेल्ला नार’ से गाँव-गाँव तक पहुँचेगी खुशहाली

बीजापुर। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने हाल ही में बीजापुर जिले के सुदूर और संवेदनशील क्षेत्र कुटरू का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ‘नियद नेल्ला नार’ (आपका अच्छा गाँव) योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, समाज प्रमुखों और ग्रामीणों से सीधा संवाद किया।
शांति और विकास के लिए शासन की अटूट प्रतिबद्धता
बैठक को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि हिंसा विकास की राह में सबसे बड़ी बाधा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बस्तर के हर घर और हर गाँव तक शांति पहुँचाने के लिए संकल्पित है। उन्होंने अपील की कि जो युवा भटक कर माओवादी विचारधारा से जुड़ गए हैं, वे मुख्यधारा में लौटें और पुनर्वास नीति का लाभ उठाकर क्षेत्र के नवनिर्माण में सहभागी बनें।
स्थानीय विकास का नया मॉडल: ग्रामीणों को ‘व्यवसायी’ बनाने की पहल
श्री शर्मा ने बस्तर के गाँवों के लिए एक विशेष विकास मॉडल की रूपरेखा साझा की। इस योजना के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
वनोपज प्रसंस्करण: गाँवों में ही स्थानीय वनोपजों के प्रोसेसिंग यूनिट लगाए जाएंगे। इससे ग्रामीण केवल संग्राहक न रहकर उत्पादक और फिर सफल व्यवसायी बन सकेंगे।
आर्थिक सशक्तिकरण: महिला स्वयं सहायता समूहों और युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाया जाएगा ताकि वे अपने उत्पादों का सही मूल्य प्राप्त कर सकें।
सुरक्षा कैंप अब विकास के केंद्र: ‘नियद नेल्ला नार’ योजना के तहत स्थापित सुरक्षा कैंप अब केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे गाँवों में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचा पहुँचाने के केंद्र बन गए हैं।
‘इलवद पंचायत’: नक्सल मुक्त गाँवों के लिए 1 करोड़ का विशेष अनुदान
सरकार ने एक प्रेरक घोषणा करते हुए कहा कि जो ग्राम पंचायतें खुद को पूर्णतः शस्त्र मुक्त और नक्सल गतिविधियों से रहित घोषित करेंगी, उन्हें ‘इलवद पंचायत योजना’ के अंतर्गत विकास कार्यों के लिए 1 करोड़ रुपये की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
विशेष: केतुलनार, मंगापेठा, रानीबोली और दरभा जैसे गाँवों को जल्द ही नक्सल मुक्त होने का प्रस्ताव भेजने को कहा गया है ताकि उन्हें ‘इलवद गाँव’ के रूप में विकसित किया जा सके।
ग्रामीणों का अनुभव और जमीनी हकीकत
चर्चा के दौरान ग्रामीणों और समाज प्रमुखों (गायता, सिरहा, पुजारी और बैगा) ने स्वीकार किया कि लंबे समय तक नक्सलवाद के कारण वे बुनियादी सुविधाओं से वंचित थे। हालांकि, अब सड़कों के जाल और बिजली की पहुँच से उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है।
उपमुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर लगाई गई महिला समूहों की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया और उनके द्वारा तैयार किए गए खाद्य उत्पादों की सराहना की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन उत्पादों के लिए बेहतर बाजार और ब्रांडिंग सुनिश्चित की जाए।
इस महत्वपूर्ण बैठक में शासन के वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी भी मौजूद थे, जिन्होंने विकास और सुरक्षा के समन्वय पर अपनी रिपोर्ट साझा की।
















