
ओलंपिक के शुरुआती खेलों में से एक : साइकिलिंग
नई दिल्ली (एजेंसी)। साइकिल मध्यम और निम्न-मध्यम वर्ग के लिए आवागमन का एक बेहतर और आसान साधन है। आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में यह परिवहन का सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाने वाला माध्यम है। साइकिल चलाना नियमित स्वास्थ्य के लिए भी बहुत लाभदायक है। भारत सरकार भी देश में लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के लिए ‘फिट इंडिया कार्यक्रम’ के माध्यम से साइकिलिंग को बढ़ावा दे रही है।
लेकिन, क्या आप जानते हैं कि साइकिलिंग एक खेल भी है और यह विश्व के सबसे बड़े और पुराने खेल मंच, ओलंपिक में एक प्रतिस्पर्धा के रूप में शामिल है?
साइकिलिंग का इतिहास और ओलंपिक में इसका प्रवेश
माना जाता है कि साइकिल चलाने की शुरुआत या इसका जन्म 1816 में मध्य जर्मनी में हुआ था। पहली आधिकारिक साइकिल रेस 1868 में फ्रांस में आयोजित की गई थी।
यह जानकर आपको हैरानी होगी कि जब पहले आधुनिक ओलंपिक का आयोजन 1896 में एथेंस में हुआ था, तभी से साइकिलिंग इसका एक अभिन्न अंग रही है।
महिलाओं की साइकिलिंग प्रतिस्पर्धा को ओलंपिक में देर से शामिल किया गया। महिलाओं को पहली बार 1984 के लॉस एंजिल्स ओलंपिक में इस प्रतिस्पर्धा में भाग लेने का मौका मिला। इसके बाद, पुरुष और महिला दोनों वर्गों के लिए व्यक्तिगत टाइम ट्रायल स्पर्धा को 1996 के अटलांटा ओलंपिक में पेश किया गया था।
















