छत्तीसगढ़ श्रम विभाग की उपलब्धियां : 2 वर्षों में 11 लाख से अधिक नए श्रमिक पंजीकृत

रायपुर। प्रदेश के श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने हाल ही में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान विभाग की प्रगति रिपोर्ट साझा की। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर तक पहुँचाने के लिए पिछले दो वर्षों में 11.40 लाख नए श्रमिकों का पंजीकरण किया गया है।
इस पंजीकरण अभियान में निर्माण क्षेत्र के मजदूरों पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिनकी संख्या 9.4 लाख है, जबकि असंगठित और संगठित क्षेत्रों से क्रमशः 1.39 लाख और 98 हजार श्रमिकों को जोड़ा गया है।
सीधे खातों में पहुँचा ₹804 करोड़ का लाभ
मंत्री देवांगन ने जानकारी दी कि विभाग की 71 जन-कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से लगभग 29.55 लाख श्रमिकों को सहायता प्रदान की गई है। कुल 804.77 करोड़ रुपये की यह राशि पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ‘डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर’ (DBT) के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में भेजी गई है।
औद्योगिक सुरक्षा और निरीक्षण में पारदर्शिता
‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा देने के लिए कारखानों के निरीक्षण की प्रक्रिया को अब स्वचालित (Automated) बना दिया गया है।
पिछले दो सालों में 2,218 कारखानों की जांच की गई।
नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों पर सख्त कार्रवाई करते हुए 666 मामले दर्ज किए गए।
उल्लंघनकर्ताओं से 5 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना वसूला गया।
स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण (ESI)
राज्य में बीमाकृत कर्मचारियों की संख्या में भारी उछाल आया है, जो अब 6.26 लाख तक पहुँच गई है।
अस्पताल: रायपुर, कोरबा, रायगढ़ और भिलाई में 100 बिस्तरों वाले अस्पताल कार्यरत हैं, जबकि बिलासपुर में नए अस्पताल की तैयारी अंतिम चरण में है।
डिस्पेंसरी: वर्तमान में 43 औषधालय चल रहे हैं और जल्द ही 4 नए केंद्र खोले जाएंगे।
भविष्य की कार्ययोजना: अटल करियर और डिजिटल सुधार
श्रम मंत्री ने आगामी योजनाओं का खाका खींचते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं:
अटल करियर निर्माण योजना: पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों को उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष कोचिंग दी जाएगी।
श्रम अन्न योजना का विस्तार: अब प्रदेश के हर जिले में ‘शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न केंद्र’ स्थापित होंगे।
तकनीकी सुधार: शिकायतों के निवारण के लिए AI आधारित सिस्टम और मैसेजिंग सुविधा शुरू होगी, जिससे श्रमिक घर बैठे अपनी समस्या की स्थिति जान सकेंगे।
महिला सशक्तिकरण: महिलाओं को अब कुछ शर्तों के साथ नाइट शिफ्ट में काम करने की अनुमति दी गई है, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
अंत में, उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की नई चार श्रम संहिताओं (Labour Codes) के अनुरूप राज्य में नियम बनाए जा रहे हैं, जिससे गिग वर्कर्स और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को भी सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाया जा सकेगा।
















