सर्दी-जुकाम में खान-पान का रखें खास ख्याल : इन 6 चीजों से बना लें दूरी

हेल्थ न्युज (एजेंसी)। अक्सर मौसम बदलते ही सर्दी-जुकाम की समस्या आम हो जाती है। ज्यादातर लोग जुकाम होने पर दवाइयां तो ले लेते हैं, लेकिन अपनी डाइट पर ध्यान देना भूल जाते हैं। गलत खान-पान न केवल बीमारी को लंबा खींचता है, बल्कि शरीर में बलगम (Mucus) और गले की तकलीफ को भी बढ़ा देता है।
अगर आप जल्दी ठीक होना चाहते हैं, तो जुकाम के दौरान इन चीजों के सेवन से परहेज करें:
- क्रीम वाला सूप
सर्दियों में गरमा-गरम सूप पीना सुकून देता है, लेकिन ध्यान रहे कि वह सूप क्रीम आधारित न हो। हैवी क्रीम या मलाई वाला सूप बलगम को गाढ़ा कर देता है, जिससे सांस लेने में दिक्कत और भारीपन महसूस हो सकता है। इसकी जगह आप घर पर बना सादा वेजिटेबल क्लियर सूप पी सकते हैं।
- डेयरी उत्पाद
दूध, दही, पनीर और मक्खन जैसे डेयरी उत्पाद ठंडे स्वभाव के होते हैं। जुकाम के दौरान इनका सेवन कफ की समस्या को बढ़ा सकता है। यदि दवा के लिए दूध जरूरी हो, तो उसमें हल्दी मिलाकर हल्का गर्म ही लें, वरना कुछ दिनों के लिए इनसे दूरी बनाना ही बेहतर है।
- मसालेदार और तीखा भोजन
मिर्च-मसाले वाला खाना गले में जलन पैदा कर सकता है। लाल मिर्च और गरम मसालों का अधिक प्रयोग गले की खराश को बढ़ा देता है। जुकाम के समय शरीर को रिकवरी के लिए हल्के और सुपाच्य भोजन की जरूरत होती है, न कि भारी और तीखे खाने की।
- कैफीन का अधिक सेवन
अक्सर लोग गला साफ करने के लिए बार-बार चाय या कॉफी पीते हैं। इनमें मौजूद कैफीन शरीर को डिहाइड्रेट (पानी की कमी) कर सकता है। शरीर में पानी की कमी होने से जुकाम से लड़ना मुश्किल हो जाता है और पेट संबंधी समस्याएं भी हो सकती हैं। इसकी जगह हर्बल टी या काढ़ा लें।
- बेक्ड और प्रोसेस्ड फूड
बिस्कुट, केक या अन्य बेक्ड आइटम में फैट अधिक होता है, जिसे पचाना शरीर के लिए मुश्किल होता है। ये चीजें गले में रूखापन पैदा करती हैं, जिससे आवाज बैठने और गले में दर्द की समस्या बढ़ सकती है।
- चीनी और मीठी चीजें
ज्यादा शक्कर का सेवन हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) को अस्थायी रूप से कमजोर कर देता है। जुकाम के दौरान इन्फेक्शन से लड़ने के लिए इम्यून सिस्टम का मजबूत होना जरूरी है, इसलिए मीठी चीजों से परहेज करें।
महत्वपूर्ण नोट: यह जानकारी केवल सामान्य जागरूकता के लिए है। यदि आपकी समस्या गंभीर है या लंबे समय तक बनी रहती है, तो तुरंत किसी विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श लें।
















