छत्तीसगढ़

नल से जल : भोथली गाँव में अब नहीं रहा पानी का संकट, खुशहाली की नई राह

राजनांदगांव। राजनांदगांव जिले के डोंगरगांव विकासखंड में स्थित मरेठानवागाँव पंचायत का आश्रित ग्राम भोथली, आज ग्रामीण विकास की एक नई इबारत लिख रहा है। कभी पानी की बूंद-बूंद के लिए संघर्ष करने वाला यह गाँव अब ‘जल जीवन मिशन’ की बदौलत पूरी तरह बदल चुका है।

चुनौतियों भरा था अतीत

कुछ समय पहले तक भोथली में गर्मियों का मौसम आते ही पेयजल की भारी किल्लत हो जाती थी। भूजल स्तर गिरने के कारण हैंडपंप जवाब दे देते थे, जिससे ग्रामीणों को घंटों कतारों में खड़ा होना पड़ता था। दूषित पानी के कारण स्वास्थ्य संबंधी बीमारियां भी आम थीं, जिससे गाँव की आर्थिक और शारीरिक ऊर्जा दोनों का नुकसान होता था।

बदलाव की नई तस्वीर

जल जीवन मिशन के तहत गाँव में आधुनिक समाधान अपनाए गए हैं:

सौर ऊर्जा का उपयोग: गाँव में सौर ऊर्जा से चलने वाले पंप स्थापित किए गए हैं, जो बिना किसी बाधा के नियमित जल आपूर्ति सुनिश्चित करते हैं।

घर-घर दस्तक: अब प्रत्येक परिवार को अपने घर के आंगन में ही शुद्ध और स्वच्छ पेयजल मिल रहा है।

गुणवत्ता पर निगरानी: पानी की शुद्धता बनाए रखने के लिए गाँव की पाँच महिलाओं को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। ये महिलाएं ‘फील्ड टेस्ट किट’ के माध्यम से समय-समय पर पानी की जांच करती हैं।

सामुदायिक प्रबंधन: जल आपूर्ति के बेहतर रखरखाव के लिए एक सक्रिय ‘पानी समिति’ का गठन किया गया है, जो पूरी व्यवस्था की देखरेख करती है।

स्वास्थ्य और समय की बचत

इस मिशन का सबसे सुखद पहलू यह है कि अब महिलाओं और बच्चों को दूर-दराज से पानी ढोने की मशक्कत नहीं करनी पड़ती। बचे हुए समय का उपयोग ग्रामीण अब खेती और अन्य आयवर्धक कार्यों में कर रहे हैं। साथ ही, शुद्ध जल से बीमारियों में कमी आई है, जिससे स्वास्थ्य पर होने वाला खर्च भी घटा है।

जल संरक्षण का संदेश

गाँव में केवल पानी पहुँचाया ही नहीं जा रहा, बल्कि उसे बचाने के प्रयास भी हो रहे हैं। ग्रे-वॉटर मैनेजमेंट (धूसर जल प्रबंधन) के जरिए ग्रामीणों को सोख्ता गड्ढे बनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, ताकि उपयोग किया गया पानी जमीन में वापस जाकर जल स्तर को बनाए रखे।

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