तातापानी महोत्सव : सीएम विष्णुदेव साय ने दी ₹655 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात, हर साल मिलेंगे ₹25 लाख

बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बलरामपुर जिले के प्रसिद्ध तातापानी महोत्सव का विधि-विधान से शुभारंभ किया। मकर संक्रांति के पावन पर्व पर आयोजित इस तीन दिवसीय उत्सव के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास के लिए बड़ी घोषणाएं कीं। उन्होंने इस सांस्कृतिक उत्सव के गरिमामय आयोजन हेतु हर वर्ष 25 लाख रुपये की स्थायी सहायता राशि देने का ऐलान किया।
आस्था और विकास का संगम
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम की शुरुआत तपेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ की। इस अवसर पर उन्होंने जिलेवासियों को 655 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले विभिन्न विकास कार्यों का उपहार दिया। इन परियोजनाओं में सरकारी महिला कर्मचारियों के लिए ट्रांजिट हॉस्टल, डाइट संचालन भवन और जिला पंजीयन कार्यालय का निर्माण मुख्य रूप से शामिल है।
जनहितकारी योजनाओं का रिपोर्ट कार्ड
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने सरकार की उपलब्धियों को साझा किया:
महतारी वंदन योजना: 70 लाख से अधिक महिलाओं को मासिक आर्थिक सहायता।
आवास और कृषि: प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के घर और भूमिहीन किसानों को ‘दीनदयाल उपाध्याय योजना’ के जरिए वार्षिक 10,000 रुपये की मदद।
रामलला दर्शन: अब तक 40 हजार से अधिक भक्तों को अयोध्या की तीर्थ यात्रा कराई जा चुकी है।
उत्सव के विशेष रंग: परंपरा और उत्साह
बच्चों के साथ पतंगबाजी: भगवान शिव की 60 फीट ऊंची प्रतिमा के साये में मुख्यमंत्री ने स्कूली बच्चों के साथ पतंग उड़ाई, जिसने उत्सव के वातावरण में नई ऊर्जा भर दी।
सामूहिक विवाह: ‘मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना’ के तहत परिणय सूत्र में बंधे 200 जोड़ों को सीएम ने आशीर्वाद देकर उनके सुखद भविष्य की कामना की।
शिल्पकारों का सम्मान: माटीकला को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री स्वयं कुम्हार के चाक पर बैठे और मिट्टी को आकार देकर स्थानीय कारीगरों का उत्साहवर्धन किया।
प्रदर्शनी का अवलोकन: महोत्सव में विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी में जनजातीय व्यंजनों से लेकर डिजिटल नवाचारों (अटल डिजिटल सुविधा केंद्र) तक की झलक देखने को मिली।
इस भव्य आयोजन में कृषि मंत्री रामविचार नेताम, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, सांसद चिंतामणि महाराज सहित कई विधायक और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने मकर संक्रांति को भारतीय एकजुटता और समृद्धि का प्रतीक बताते हुए प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
















