छत्तीसगढ़

तातापानी महोत्सव हमारी आस्था और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक : मंत्री रामविचार नेताम

बलरामपुर-रामानुजगंज की समृद्ध परंपराओं का उत्सव; पद्मश्री अनुज शर्मा और स्थानीय कलाकारों ने बांधा समां

बलरामपुर। रामानुजगंज जिले की सांस्कृतिक विरासत को एक नया आयाम देने के लिए तीन दिवसीय ‘तातापानी महोत्सव’ का शानदार आगाज हो गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर इस महोत्सव का औपचारिक उद्घाटन किया। आयोजन के पहले दिन ही वनांचल की पारंपरिक कला और आधुनिक उत्साह का अद्भुत मेल देखने को मिला।

आस्था और एकता का महापर्व

इस अवसर पर प्रदेश के आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कार्यक्रम की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि तातापानी महोत्सव केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र की अखंड आस्था और सांस्कृतिक एकजुटता का परिचायक है। उन्होंने आयोजन की सफलता के लिए स्थानीय प्रशासन और जनता के सामूहिक प्रयासों की सराहना की और कलाकारों को सम्मानित भी किया।

सांस्कृतिक संध्या में लोक कला की गूंज

महोत्सव की पहली शाम पूरी तरह से छत्तीसगढ़ी संस्कृति के रंग में रंगी रही:

पद्मश्री अनुज शर्मा का जादू: छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय कलाकार अनुज शर्मा ने अपनी सुरीली आवाज और लोकगीतों से समां बांध दिया। उनकी प्रस्तुति ने हजारों दर्शकों को थिरकने पर मजबूर कर दिया।

स्थानीय प्रतिभाओं का प्रदर्शन: जिले के विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों के छात्र-छात्राओं ने आकर्षक लोक नृत्य पेश किए। इन प्रस्तुतियों में न केवल परंपरा की झलक दिखी, बल्कि जिले के विकास पथ को भी कला के माध्यम से प्रदर्शित किया गया।

कलाकारों का सम्मान: मंत्री श्री नेताम ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कलाकारों को स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका उत्साहवर्धन किया।

गरिमामयी उपस्थिति

इस भव्य समारोह में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पुष्पा नेताम, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री धीरज सिंह देव, कलेक्टर श्री राजेन्द्र कटारा और पुलिस अधीक्षक श्री वैभव बेंकर रमनलाल सहित कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में पहुंचे आम नागरिकों ने इस सांस्कृतिक महाकुंभ का आनंद लिया।

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