कुनकुरी में ‘राममय’ हुआ वातावरण : मुख्यमंत्री साय ने सपत्नीक सुनी श्रीराम कथा

जशपुर। जशपुर जिले के कुनकुरी में इन दिनों आस्था का जनसैलाब उमड़ रहा है। सलियाटोली मिनी स्टेडियम में आयोजित भव्य संगीतमय श्रीराम कथा के पांचवें दिन प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय अपनी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय के साथ शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने व्यासपीठ पर विराजमान पूज्य संत चिन्मयानंद बापूजी का आशीर्वाद लिया और प्रभु श्री राम के जीवन दर्शन को जन-जन के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
छत्तीसगढ़ का कण-कण राममय: मुख्यमंत्री
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कुनकुरी की यह पावन धरा आज श्रीराम के धाम में परिवर्तित हो गई है। उन्होंने छत्तीसगढ़ और भगवान राम के अटूट संबंध को रेखांकित करते हुए कहा:
माता कौशल्या की धरती: छत्तीसगढ़ भगवान राम का ननिहाल है, जहाँ वे भांजे के रूप में घर-घर पूजे जाते हैं।
वनवास की स्मृतियाँ: वनवास काल का अधिकांश समय प्रभु ने दंडकारण्य (छत्तीसगढ़) के वनों में बिताया, जिसके साक्ष्य आज भी ‘सीता रसोई’ जैसे स्थानों के रूप में मौजूद हैं।
रामलला दर्शन योजना: मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार बनते ही ‘श्री रामलला दर्शन योजना’ शुरू की गई, जिसके माध्यम से अब तक लगभग 42 हजार श्रद्धालु अयोध्या में रामलला के दर्शन कर चुके हैं।
आस्था और सेवा का संगम
मुख्यमंत्री ने जांजगीर के रामनामी समुदाय का विशेष उल्लेख करते हुए उनके समर्पण की सराहना की। उन्होंने याद दिलाया कि अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर छत्तीसगढ़ से 300 मीट्रिक टन सुगंधित चावल और सब्जियाँ भेजी गई थीं। साथ ही, छत्तीसगढ़ के डॉक्टरों की टीम ने भी वहां अपनी सेवाएं देकर इस गौरवशाली अध्याय में योगदान दिया।
धार्मिक स्वतंत्रता और सुरक्षा
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि राज्य सरकार ने अवैध धर्मांतरण को रोकने के लिए ‘धर्म स्वातंत्र्य कानून’ लागू किया है। इसके कड़े प्रावधानों से प्रदेश की सांस्कृतिक और धार्मिक अखंडता को सुरक्षित रखा जाएगा।
भक्ति का प्रवाह 8 अप्रैल तक
2 अप्रैल से शुरू हुई यह कथा 8 अप्रैल तक चलेगी। संत चिन्मयानंद बापूजी की अमृतवाणी सुनने के लिए दूर-दराज से भारी संख्या में श्रद्धालु पहुँच रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव, श्रीमती संयोगिता सिंह जूदेव सहित प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और हजारों भक्त उपस्थित रहे।
















