प्रशासनिक टीम की बर्बरता से बुजुर्ग की जान गई, एसडीएम और नायब तहसीलदार भेजे गए जेल

बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। हंसपुर गांव में अवैध उत्खनन की जांच करने गई राजस्व टीम पर ग्रामीणों के साथ बेरहमी से मारपीट करने का आरोप लगा है। इस हिंसक झड़प में एक 60 वर्षीय बुजुर्ग की जान चली गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है और कुसमी एसडीएम सहित कई अधिकारियों पर गाज गिरी है।
घटना का मुख्य विवरण
यह मामला रविवार देर रात का है, जब राजस्व विभाग की एक टीम अवैध बॉक्साइट खनन की गुप्त सूचना पर कार्रवाई करने निकली थी।
विवाद की जड़: एसडीएम करूण डहरिया और नायब तहसीलदार पारस शर्मा के नेतृत्व में टीम गांव पहुंची थी। वहां सिंचाई कर लौट रहे ग्रामीणों और टीम के बीच किसी बात को लेकर बहस शुरू हो गई।
मारपीट के आरोप: जीवित बचे ग्रामीणों का दावा है कि टीम के सदस्यों और उनके साथ आए कुछ युवकों ने लाठी-डंडों और लात-घूंसों से उन पर हमला कर दिया।
हिरासत में मौत: ग्रामीणों को जबरन वाहन में बिठाकर ले जाया जा रहा था, तभी बुजुर्ग राम नरेश राम की तबीयत अचानक बिगड़ गई और अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
प्रशासनिक कार्रवाई की वर्तमान स्थिति
घटना के बाद उपजे आक्रोश और प्राथमिक जांच के आधार पर निम्नलिखित कदम उठाए गए हैं:
पदनाम,नाम,वर्तमान स्थिति
एसडीएम,करूण डहरिया,गिरफ्तार और जेल भेजा गया
नायब तहसीलदार,पारस शर्मा,गिरफ्तार और जेल भेजा गया
अन्य अधिकारी,—,तीन अधिकारी निलंबित
पुलिस और फॉरेंसिक जांच तेज
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) विश्वदीपक त्रिपाठी स्वयं इस मामले की कमान संभाल रहे हैं। साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। पुलिस का कहना है कि मौत के सटीक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा। फिलहाल, पीड़ित अजीत उरांव और आकाश अगरिया का इलाज अस्पताल में चल रहा है।
इलाके में तनावपूर्ण शांति
अवैध उत्खनन और ट्रक चालकों से कथित ब्लैकमेलिंग की शिकायतों के बीच हुई इस घटना ने पूरे जिले में तनाव पैदा कर दिया है। अस्पताल और स्थानीय थाने के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
















