जशपुर की ‘क्रिकेट बेटियों’ का शानदार सफर : मुख्यमंत्री साय ने किट भेंट कर थपथपाई पीठ

जशपुर। जशपुर जिले के एक छोटे से गाँव इचकेला की बेटियों ने यह साबित कर दिया है कि अगर इरादे फौलादी हों, तो संसाधनों की कमी कभी बाधा नहीं बनती। अपनी कड़ी मेहनत और खेल के प्रति जुनून के दम पर इन खिलाड़ियों ने न केवल जशपुर, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया है। इनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि को सराहते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने शनिवार को जशपुर नगर के इंडोर स्टेडियम में खिलाड़ियों से मुलाकात की और उन्हें क्रिकेट किट देकर प्रोत्साहित किया।
उपलब्धियों का सुनहरा सफर
इचकेला एमसीसी अकादमी अब महिला क्रिकेट का एक प्रमुख केंद्र बन चुकी है। यहाँ की बेटियों ने पिछले कुछ वर्षों में असाधारण सफलता हासिल की है:
ऐतिहासिक जीत: वर्ष 2025 में सरगुजा संभाग ने 25 साल के लंबे अंतराल के बाद अंडर-17 राज्य स्तरीय क्रिकेट में स्वर्ण पदक जीता। खास बात यह रही कि इस टीम की 11 में से 9 खिलाड़ी इसी इचकेला अकादमी की थीं।
राष्ट्रीय स्तर पर चमक: अब तक यहाँ की 11 बेटियाँ राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में राज्य का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।
इंटर-स्टेट टूर्नामेंट: रायगढ़ में आयोजित राष्ट्रीय स्तर के टूर्नामेंट में भी इन बेटियों ने प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
वर्तमान स्थिति: वर्तमान में अकादमी की 17 खिलाड़ी अंडर-17 और अंडर-19 के बोर्ड मैचों में छत्तीसगढ़ की टीम का हिस्सा हैं।
छात्रावास से स्टेडियम तक का संघर्ष
यह कहानी इचकेला के शासकीय प्री-मैट्रिक कन्या छात्रावास से शुरू होती है, जहाँ की 16 बालिकाओं ने सबसे पहले क्रिकेट के मैदान पर अपने कदम रखे। कोच संतोष शंकर सोनी और श्रीमती पंडरी बाई के मार्गदर्शन में आज यहाँ 40 से अधिक बेटियाँ नियमित रूप से प्रशिक्षण ले रही हैं।
मुख्यमंत्री ने इन खिलाड़ियों के अनुशासन और समर्पण की प्रशंसा करते हुए कहा कि ये बेटियाँ आने वाले समय में देश का नाम रोशन करेंगी। इचकेला की सफलता इस बात का प्रमाण है कि ग्रामीण प्रतिभाओं को यदि सही मंच और मार्गदर्शन मिले, तो वे आसमान छू सकती हैं।
















