खेल

वानखेड़े में महामुकाबला : क्या इतिहास दोहराकर तीसरी बार विश्व विजेता बनेगा भारत?

मुंबई (एजेंसी)। टी20 विश्व कप 2026 का रोमांच अपने चरम पर है। आगामी 5 मार्च को मुंबई के ऐतिहासिक वानखेड़े स्टेडियम में भारत और इंग्लैंड के बीच होने वाला सेमीफाइनल मुकाबला सिर्फ फाइनल की जंग नहीं, बल्कि आंकड़ों और संयोगों की एक दिलचस्प लड़ाई भी है। क्रिकेट के गलियारों में चर्चा है कि क्या 41 साल पुराना वह समीकरण फिर से भारत को चैंपियन बनाएगा, जिसने पहले भी टीम इंडिया की किस्मत बदली है।

सेमीफाइनल का गणित: बराबरी की जंग, अनोखा संयोग

आईसीसी टूर्नामेंट्स के नॉकआउट इतिहास में भारत और इंग्लैंड की भिड़ंत हमेशा यादगार रही है। अब तक दोनों टीमें सेमीफाइनल में 4 बार आमने-सामने आई हैं, जहाँ स्कोर 2-2 की बराबरी पर है। हालांकि, भारतीय समर्थकों के लिए उत्साह की बात यह है कि जब भी भारत ने सेमीफाइनल में अंग्रेजों को धूल चटाई है, ट्रॉफी भारत के पास ही आई है।

वर्ष,टूर्नामेंट,परिणाम,विजेता का सफर

1983,वनडे विश्व कप,भारत जीता (6 विकेट),भारत चैंपियन बना
1987,वनडे विश्व कप,इंग्लैंड जीता (35 रन),भारत बाहर
2022,टी20 विश्व कप,इंग्लैंड जीता (10 विकेट),भारत बाहर
2024,टी20 विश्व कप,भारत जीता (68 रन),भारत चैंपियन बना

यादें ऐतिहासिक संघर्षों की

1983 – लॉर्ड्स की नींव: कपिल देव की ‘कपिल्स डेविल्स’ ने मेजबान इंग्लैंड को उनके ही घर में 213 रनों पर रोक दिया था। यशपाल शर्मा और मोहिंदर अमरनाथ की पारियों ने भारत को जीत दिलाई, जिसके बाद वेस्टइंडीज को हराकर भारत पहली बार विश्व विजेता बना।

1987 – ग्राहम गूच का प्रहार: बॉम्बे (अब मुंबई) के मैदान पर ही इंग्लैंड ने भारत का सपना तोड़ा था। ग्राहम गूच के शानदार शतक (136) ने भारत को फाइनल की रेस से बाहर कर दिया था। यह दिग्गज सुनील गावस्कर का विदाई मैच भी था।

2022 – एडिलेड का घाव: एडिलेड में इंग्लैंड के सलामी बल्लेबाजों, जोस बटलर और एलेक्स हेल्स ने भारतीय गेंदबाजी की धज्जियां उड़ाते हुए 10 विकेट से जीत दर्ज की थी। यह हार भारतीय फैंस के लिए लंबे समय तक एक टीस बनी रही।

2024 – गयाना में हिसाब बराबर: पिछले टी20 विश्व कप में रोहित शर्मा की सेना ने हिसाब चुकता किया। स्पिन जोड़ी कुलदीप यादव और अक्षर पटेल के जाल में फंसकर पूरी इंग्लिश टीम ताश के पत्तों की तरह ढह गई और भारत ने खिताबी जीत का मार्ग प्रशस्त किया।

क्या 2026 में दिखेगा वही जादू?

अब 2026 में कहानी फिर उसी मोड़ पर है। वानखेड़े का मैदान गवाह बनेगा एक ऐसी भिड़ंत का, जो तय करेगी कि क्या भारत अपना दबदबा कायम रख पाएगा। यदि 5 मार्च को टीम इंडिया जीत हासिल करती है, तो ‘सेमीफाइनल में इंग्लैंड को हराकर चैंपियन बनने’ का वह जादुई संयोग तीसरी बार सच साबित हो सकता है।

क्या रोहित ब्रिगेड इस ऐतिहासिक क्रम को जारी रखते हुए तीसरी बार ट्रॉफी उठाएगी? इसका फैसला वानखेड़े की पिच पर होगा।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button