
टी20 वर्ल्ड कप से पीछे हटा पाकिस्तान तो लगेगा भारी आर्थिक झटका : पीसीबी की बढ़ सकती हैं मुश्किलें
स्पोर्ट न्युज (एजेंसी)। पाकिस्तान क्रिकेट में एक बार फिर अनिश्चितता का माहौल है। 2026 टी20 वर्ल्ड कप के लिए टीम की घोषणा तो हो चुकी है, लेकिन टूर्नामेंट में उनकी भागीदारी पर अभी भी संशय बरकरार है। हाल ही में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चेयरमैन मोहसिन नकवी और प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ के बीच हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद यह संकेत मिले हैं कि वर्ल्ड कप पर अंतिम फैसला जल्द ही लिया जा सकता है।
बहिष्कार का आर्थिक गणित: 966 करोड़ रुपये दांव पर
अगर पाकिस्तान राजनीतिक या अन्य कारणों से वर्ल्ड कप का बहिष्कार करता है, तो उसे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) की ओर से मिलने वाले फंड से हाथ धोना पड़ सकता है।
राजस्व का नुकसान: ICC के राजस्व वितरण मॉडल के अनुसार, पीसीबी को कुल कमाई का 5.75% हिस्सा मिलता है।
कुल राशि: यह राशि लगभग 34.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 966 करोड़ पाकिस्तानी रुपये) बैठती है।
समझौते का उल्लंघन: रिपोर्ट्स के अनुसार, टूर्नामेंट से ठीक पहले हटने को ‘सहभागिता समझौते’ का उल्लंघन माना जाएगा, जिससे ICC इस वार्षिक भुगतान को रोक सकता है।
खिलाड़ियों के भविष्य पर भी संकट
केवल बोर्ड ही नहीं, बल्कि खिलाड़ियों की कमाई पर भी इसका गहरा असर पड़ सकता है। यदि ICC यह मानता है कि पाकिस्तान क्रिकेट का इस्तेमाल राजनीतिक हथियार के रूप में कर रहा है, तो पाकिस्तानी खिलाड़ियों को वैश्विक टी20 लीगों में मिलने वाले अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) पर पाबंदी लग सकती है। इससे शाहीन अफरीदी और बाबर आजम जैसे स्टार खिलाड़ियों की अंतरराष्ट्रीय लीग्स से होने वाली कमाई प्रभावित होगी।
















