मकर संक्रांति 2026 : आस्था की लहरों में डूबा संगम, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

प्रयागराज (एजेंसी)। संगम की पावन रेती पर आयोजित होने वाले माघ मेले में मकर संक्रांति के उपलक्ष्य में श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा है। गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के मिलन स्थल पर बुधवार सुबह से ही आस्था का जनसैलाब देखा गया। गुरुवार को मुख्य स्नान पर्व होने के कारण लाखों की संख्या में श्रद्धालु एक दिन पहले ही प्रयागराज पहुँच चुके हैं।
अभेद्य सुरक्षा घेरे में मेला क्षेत्र
भीड़ के दबाव को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था अत्यंत सख्त कर दी है। मेले की निगरानी का जिम्मा एटीएस (ATS), पैरामिलिट्री और उत्तर प्रदेश पुलिस के जवानों ने संभाल रखा है। मुख्य बिंदुओं पर सुरक्षा बल तैनात हैं और ‘वॉच टॉवर’ के माध्यम से चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है। जल पुलिस के साथ-साथ NDRF और SDRF की टीमें भी सक्रिय हैं, जो गहरे पानी वाले क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही हैं।
यातायात और पार्किंग व्यवस्था
श्रद्धालुओं की सुविधा और भीड़ नियंत्रण के लिए मेला क्षेत्र में वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण पाबंदी लगा दी गई है।
जौनपुर, वाराणसी, लखनऊ और कानपुर जैसे प्रमुख मार्गों से आने वाले वाहनों को शहर के बाहरी इलाकों में बने एंट्री पॉइंट्स पर ही रोका जा रहा है।
सभी प्रकार के छोटे-बड़े वाहनों के लिए निर्धारित पार्किंग स्थल बनाए गए हैं, जहाँ से श्रद्धालु पैदल ही संगम तट की ओर बढ़ रहे हैं।
एकादशी और संक्रांति का विशेष संयोग
बुधवार को एकादशी होने के कारण भी बड़ी संख्या में भक्तों ने त्रिवेणी में डुबकी लगाई। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, बुधवार दोपहर बाद सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने के साथ ही मकर संक्रांति का स्नान शुरू हो गया, जो गुरुवार तक निरंतर जारी रहेगा। दूर-दराज के जिलों से आए श्रद्धालुओं का कहना है कि वे इस पावन अवसर पर पुण्य लाभ कमाने के लिए सपरिवार यहाँ आए हैं।
प्रशासन का अनुमान है कि गुरुवार सुबह तक श्रद्धालुओं की यह संख्या कई गुना बढ़ सकती है, जिसके लिए घाटों पर पर्याप्त व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं।















