सियादेवी जलाशय : अब रोमांच और पर्यटन का नया केंद्र

रायपुर। छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक सौंदर्य को एक नई पहचान देते हुए, गुरूर विकासखंड के ग्राम नारागांव स्थित सियादेवी जलाशय को अब एक प्रमुख इको-टूरिज्म स्पॉट के रूप में विकसित किया जा रहा है। हाल ही में यहाँ ‘एडवेंचर एवं राफ्टिंग सेंटर’ की शुरुआत की गई है, जो न केवल पर्यटकों को आकर्षित करेगा बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देगा।
प्रमुख विशेषताएँ और उद्घाटन
इस रोमांचक केंद्र का औपचारिक शुभारंभ जिला कलेक्टर श्रीमती दिव्या मिश्रा और अन्य विशिष्ट अतिथियों द्वारा किया गया। उद्घाटन समारोह की कुछ खास बातें निम्नलिखित हैं:
एडवेंचर और राफ्टिंग: जलाशय में अब पर्यटक बैम्बू राफ्टिंग (बांस की नाव) और अन्य साहसिक खेलों का आनंद ले सकेंगे।
रोजगार के अवसर: कलेक्टर ने रेखांकित किया कि इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य पर्यटन के साथ-साथ स्थानीय ग्रामीणों के लिए आजीविका के साधन उपलब्ध कराना है।
स्वच्छता और संरक्षण: प्रशासन ने स्थानीय समुदाय से इस प्राकृतिक धरोहर को स्वच्छ और सुरक्षित रखने का आग्रह किया है।
विकास की नई राह
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) और अन्य अधिकारियों के अनुसार, यह पहल जिला प्रशासन और स्थानीय समुदाय के साझा प्रयासों का परिणाम है। इस परियोजना के अंतर्गत आगामी समय में क्षेत्र का और अधिक विस्तार किया जाएगा, जिसमें शामिल हैं:
नहर मरम्मत: क्षेत्र की सिंचाई और सौंदर्यीकरण के लिए नहरों के सुधार का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
इको-टूरिज्म मॉडल: प्रकृति को नुकसान पहुँचाए बिना पर्यटन को बढ़ावा देना।
जनभागीदारी: स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों को इस विकास यात्रा का हिस्सा बनाया गया है।
उद्घाटन के दौरान अतिथियों ने स्वयं बैम्बू राफ्टिंग का अनुभव लिया और जलाशय की प्राकृतिक सुंदरता की सराहना की। यह नया केंद्र अब जिले के पर्यटन मानचित्र पर एक चमकते सितारे की तरह उभरने को तैयार है।
















