ट्रांजैक्शन नहीं, ट्रांसफॉर्मेशन बने जीवन का लक्ष्य : राज्यपाल डेका

रायपुर। अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय, बिलासपुर में आयोजित दो दिवसीय कुलपति सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने शिक्षा के वास्तविक उद्देश्य पर प्रकाश डाला। ‘ट्रांसफॉर्मिंग यूनिवर्सिटीज फॉर होलिस्टिक डेवलपमेंट’ विषय पर केंद्रित इस गरिमामयी कार्यक्रम में देश भर के 42 वर्तमान एवं पूर्व कुलपतियों ने शिरकत की।
विश्वविद्यालयों की भूमिका और वैचारिक परिवर्तन
राज्यपाल डेका ने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि विद्यार्थियों का लक्ष्य जीवन में केवल भौतिक लेनदेन (ट्रांजैक्शन) तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उन्हें समाज में सकारात्मक बदलाव (ट्रांसफॉर्मेशन) लाने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा:
“विश्वविद्यालय केवल डिग्री बांटने वाले केंद्र नहीं हैं, बल्कि ये नवाचार, गहन चिंतन और राष्ट्र निर्माण की आधारशिला हैं। एक कुलपति का नेतृत्व ही आने वाली पीढ़ियों का भविष्य तय करता है।”
शिक्षा नीति और आधुनिक चुनौतियाँ
राज्यपाल ने भारतीय शिक्षा के इतिहास और भविष्य की रूपरेखा पर निम्नलिखित प्रमुख बिंदु साझा किए:
विरासत की पुनर्स्थापना: प्राचीन भारतीय शिक्षा पद्धति अत्यंत समृद्ध थी, जिसे औपनिवेशिक नीतियों ने प्रभावित किया। ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020’ इसी गौरवशाली मूल्यों को वापस लाने का एक सशक्त माध्यम है।
डिजिटल नवाचार: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा विश्लेषण जैसे आधुनिक उपकरणों का उपयोग शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए किया जाना चाहिए, लेकिन मानवीय संवेदनाओं को बचाए रखना भी उतना ही जरूरी है।
ड्रॉपआउट की समस्या: समग्र विकास की राह में छात्रों का बीच में पढ़ाई छोड़ देना एक बड़ी बाधा है। जब तक छात्र निरंतर शिक्षा से नहीं जुड़ेंगे, नीतियों का लाभ धरातल पर नहीं दिखेगा।
अनुसंधान और विकास: शोध को विश्वविद्यालय की ‘आत्मा’ बताते हुए उन्होंने कहा कि उद्योग और समाज के समन्वय से ही ‘आत्मनिर्भर भारत’ का सपना साकार होगा।
विशेष उपलब्धियाँ एवं उपस्थिति
इस अवसर पर राज्यपाल ने विश्वविद्यालय की त्रैमासिक पत्रिका ‘कन्हार’ का विमोचन भी किया। अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य एडीएन वाजपेयी ने संस्थान की प्रगति रिपोर्ट साझा करते हुए बताया कि विश्वविद्यालय समय पर परीक्षा परिणाम घोषित करने और पारदर्शी प्रशासन सुनिश्चित करने में अग्रणी रहा है।
कार्यक्रम में बीएचयू के पूर्व कुलपति गिरीश चंद्र त्रिपाठी, बिलासपुर महापौर श्रीमती पूजा विधानी, कुल सचिव तारणीश गौतम सहित प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में शिक्षक व छात्र उपस्थित रहे।
















