सेहत का खजाना : अंजीर के नियमित सेवन से दूर होंगी शारीरिक समस्याएँ

हेल्थ न्युज (एजेंसी)। अंजीर एक ऐसा फल है जो स्वाद के साथ-साथ औषधीय गुणों का भंडार है। आयुर्वेद में इसे उत्तम स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी माना गया है। चाहे इसे ताज़ा खाया जाए या सूखे मेवे के रूप में, यह शरीर को अंदरूनी शक्ति प्रदान करने और बीमारियों से लड़ने में मदद करता है। संस्कृत में इसे ‘उदुम्बर’ के नाम से जाना जाता है।
अंजीर के प्रमुख स्वास्थ्य लाभ
अंजीर का स्वभाव शीतल और स्वाद मधुर होता है। यह विशेष रूप से शरीर में पित्त और वात दोष को संतुलित करने में सहायक है। इसके मुख्य फायदे निम्नलिखित हैं:
पाचन और कब्ज में सुधार: अंजीर फाइबर से भरपूर होता है, जो पुरानी से पुरानी कब्ज को ठीक करने और आंतों की कार्यक्षमता बढ़ाने में मदद करता है। यह पेट की गैस और भारीपन से भी राहत दिलाता है।
कमजोरी को करे दूर: लंबी बीमारी के बाद शरीर में आई कमजोरी या महिलाओं में होने वाली सामान्य थकान को दूर करने के लिए अंजीर एक बेहतरीन सुपरफूड है।
श्वसन तंत्र के लिए हितकारी: सूखी खांसी और गले की खराश से परेशान लोगों के लिए सूखा अंजीर रामबाण की तरह काम करता है। यह फेफड़ों को मजबूती देता है।
हृदय और रक्त स्वास्थ्य: यह कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने और रक्त संचार (Blood Circulation) को सुधारने में मदद करता है, जिससे हृदय स्वस्थ रहता है।
त्वचा के लिए फायदेमंद: इसका लेप फोड़े-फुंसियों को ठीक करने और रूखी त्वचा को प्राकृतिक नमी देने में सहायक है।
सेवन करने का सही तरीका
अंजीर का अधिकतम लाभ उठाने के लिए आयुर्वेदाचार्य इसे सही तरीके से खाने की सलाह देते हैं:
भिगोकर खाएं: रात में 1 से 2 सूखे अंजीर पानी में भिगो दें और सुबह खाली पेट इनका सेवन करें।
दूध के साथ: शारीरिक शक्ति बढ़ाने के लिए अंजीर को दूध में उबालकर भी लिया जा सकता है।
सावधानी और सुझाव
अंजीर गुणकारी तो है, लेकिन इसका सेवन संतुलित मात्रा में ही करना चाहिए:
मधुमेह (Diabetes): शुगर के रोगी इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करें।
कफ की समस्या: जिन लोगों को कफ अधिक बनता है, उन्हें डॉक्टर की सलाह पर ही इसे लेना चाहिए।
अत्यधिक सेवन: बहुत अधिक मात्रा में खाने से पेट खराब (दस्त) होने की संभावना रहती है।
नोट: किसी भी गंभीर स्वास्थ्य समस्या या उपचार के लिए आयुर्वेदिक विशेषज्ञ (वैद्य) से परामर्श अवश्य लें।
















