जिला कांग्रेस भवन में हंगामा और तोड़फोड़, दो नेताओं पर मुकदमा दर्ज

महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद में कांग्रेस पार्टी के भीतर की गुटबाजी अब खुलकर सड़कों और दफ्तरों तक आ गई है। गुरुवार को जिला कांग्रेस कार्यालय में हुए विवाद और मारपीट के मामले में पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए पार्टी के दो प्रमुख पदाधिकारियों के विरुद्ध एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है।
विवाद की वजह: प्रेस कॉन्फ्रेंस में कम भीड़
मिली जानकारी के अनुसार, जिला कार्यालय में बढ़ती महंगाई के विरोध में एक पत्रकार वार्ता (प्रेसवार्ता) बुलाई गई थी। कार्यक्रम के दौरान उपस्थिति कम होने को लेकर वहां मौजूद नेताओं के बीच बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते यह बहस हिंसक झड़प में तब्दील हो गई और पार्टी कार्यकर्ता आपस में ही भिड़ गए।
कार्यालय में तोड़फोड़ और हाथापाई
विवाद इतना बढ़ गया कि कार्यालय में जमकर कुर्सियां चलीं और खिड़कियों व अलमारियों के कांच तोड़ दिए गए। इस हंगामे के कारण काफी देर तक वहां अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को संभाला।
इन पदाधिकारियों पर गिरी गाज
पुलिस ने इस मामले में दो स्थानीय कांग्रेस नेताओं के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है:
निर्मल जैन (पूर्व जिला कोषाध्यक्ष): इन पर गाली-गलौज और मारपीट के आरोप में धारा 296 और 115(2) बीएनएस के तहत केस दर्ज हुआ है।
विजय साव (जिला उपाध्यक्ष व पार्षद): इन पर मारपीट, तोड़फोड़ और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में धारा 296, 115(2), 351(3) और 324(2) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
संगठनात्मक कार्रवाई की तैयारी:
जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने इस घटना पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि पूरी घटना की विस्तृत रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) को भेजी जाएगी, ताकि अनुशासनहीनता करने वाले नेताओं पर कड़ी कार्रवाई की जा सके।
इस पूरी घटना ने महासमुंद कांग्रेस में चल रहे अंतर्कलह को एक बार फिर सार्वजनिक कर दिया है, जिससे पार्टी की किरकिरी हो रही है।
















