धमतरी-कांकेर में अवैध प्लाटिंग पर बवाल : विपक्ष ने जाँच की मांग को लेकर किया सदन से वॉकआउट

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान धमतरी और कांकेर जिलों में फल-फूल रहे अवैध प्लाटिंग और अनधिकृत कॉलोनियों का मुद्दा गरमाया रहा। विपक्षी दल ने सरकार पर भू-माफियाओं को संरक्षण देने का गंभीर आरोप लगाते हुए सदन की कार्यवाही का बहिष्कार किया।
सदन में उठा मुद्दा और तीखी बहस
प्रश्नकाल के दौरान विपक्षी विधायक अंबिका मरकाम ने साल 2024 से लेकर 31 जनवरी 2026 तक इन दोनों जिलों में हुई अवैध प्लाटिंग का ब्यौरा मांगा। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि:
अब तक कितने अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की गई है?
इन अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार अधिकारी कौन हैं?
दोषी अधिकारियों के विरुद्ध विभाग ने अब तक क्या कदम उठाए हैं?
चर्चा में हस्तक्षेप करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए विधानसभा की विशेष समिति से उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग रखी। उनका आरोप था कि प्रशासन की मिलीभगत के बिना इतने बड़े पैमाने पर अवैध कार्य संभव नहीं है।
सरकार का पक्ष और विपक्ष का असंतोष
राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने सदन को जानकारी दी कि सरकार के पास इन जिलों से अवैध प्लाटिंग की शिकायतें आई हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि:
राजस्व विभाग का अमला वर्तमान में इन मामलों की सघन जांच कर रहा है।
जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि, मंत्री के इस जवाब से विपक्षी सदस्य संतुष्ट नहीं हुए। विपक्ष ने सरकारी तंत्र की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए और सदन की समिति से जांच की मांग पर अड़े रहते हुए जमकर नारेबाजी की। अंततः, अपनी मांगों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए विपक्षी दल ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
















