‘वंदे मातरम’ केवल गीत नहीं, हमारी आजादी का उद्घोष है : मुख्यमंत्री साय

बिलासपुर। बिलासपुर के रिवर व्यू तट पर राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ को एक भव्य सांस्कृतिक उत्सव के रूप में मनाया गया। इस गरिमामयी समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय शामिल हुए। देशभक्ति के रंगों से सजी इस शाम में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के बैंड ने टी.आर. यादव के नेतृत्व में अपनी सुरीली प्रस्तुतियों से उपस्थित जनसमूह में जोश भर दिया।
बलिदान और प्रेरणा का प्रतीक
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘वंदे मातरम’ वह मंत्र है जिसने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में एक अस्त्र की भूमिका निभाई। उन्होंने याद दिलाया कि इसी गीत को गुनगुनाते हुए अनगिनत क्रांतिकारियों ने देश की वेदी पर अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में युवा पीढ़ी अपनी गौरवशाली विरासत और राष्ट्रवाद की भावना से दोबारा जुड़ रही है।
सामाजिक जागरूकता पर जोर
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग द्वारा संचालित ‘चेतना अभियान’ की भी विशेष प्रशंसा की। इस मौके पर समाज को जागरूक करने के उद्देश्य से पुलिस विभाग द्वारा निर्मित एक लघु फिल्म दिखाई गई। बिलासपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री रजनेश सिंह ने ‘चेतना’ मुहिम के उद्देश्यों और इसकी उपलब्धियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
इस गौरवशाली शाम में मुख्यमंत्री के साथ विधायक अमर अग्रवाल, धर्मजीत सिंह, धर्मलाल कौशिक, सुशांत शुक्ला, महापौर पूजा विधानी और अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने भी इस कार्यक्रम में शामिल होकर अपनी राष्ट्रभक्ति का परिचय दिया।
















