छत्तीसगढ़

सुशासन, विकास और सुरक्षा के संकल्प के साथ बढ़ रहे हैं आगे : मुख्यमंत्री साय

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विधानसभा में राज्य की प्रगति का खाका पेश करते हुए स्पष्ट किया कि वर्तमान सरकार ‘भ्रष्टाचार मुक्त शासन’ और ‘नक्सलवाद के अंत’ के संकल्प के साथ काम कर रही है। उन्होंने राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान प्रदेश में हो रहे बदलावों और भविष्य की योजनाओं की विस्तृत जानकारी साझा की।

  1. आंतरिक सुरक्षा और नक्सलवाद का उन्मूलन

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य सरकार नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक युद्ध लड़ रही है। सरकार का लक्ष्य 31 मार्च तक प्रदेश से नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त करना है।

बस्तर का बदलाव: जहाँ पहले स्कूल जलाए जाते थे, वहां अब नए अस्पताल और शिक्षण संस्थान खुल रहे हैं।

पुनर्वास: आत्मसमर्पण की नीति के सफल परिणामों के कारण बड़ी संख्या में नक्सली मुख्यधारा में लौट रहे हैं।

  1. पर्यावरण संरक्षण: ‘एक पेड़ माँ के नाम’

पर्यावरण की दिशा में छत्तीसगढ़ ने वैश्विक मानकों को छुआ है।

हरियाली में वृद्धि: भारतीय वन सर्वेक्षण की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के वन क्षेत्र में 683 वर्ग किमी की बढ़ोत्तरी हुई है।

वृक्षारोपण: ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत 7 करोड़ पौधे लगाए गए हैं। औद्योगिक उपयोग के लिए काटे गए पेड़ों की तुलना में कई गुना अधिक (लगभग 30 लाख) नए पौधे रोपे गए हैं।

  1. कृषि और ग्रामीण सशक्तिकरण

किसानों की खुशहाली सरकार की प्राथमिकता है:

धान खरीदी: 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल धान की खरीदी सुनिश्चित की गई है। बकाया अंतर की राशि होली से पूर्व किसानों के खातों में भेज दी जाएगी।

सिंचाई विस्तार: सिंचाई परियोजनाओं के लिए बजट को ₹5700 करोड़ से बढ़ाकर ₹10,700 करोड़ कर दिया गया है।

आवास: पिछले 10 महीनों में 5 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास पूर्ण कर छत्तीसगढ़ ने देश में कीर्तिमान स्थापित किया है।

  1. बुनियादी ढांचा और डिजिटल गवर्नेंस

प्रदेश को आधुनिक बनाने के लिए तकनीक और इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर दिया जा रहा है:

रेलवे और कनेक्टिविटी: ₹51,000 करोड़ की रेल परियोजनाएं प्रगति पर हैं और 32 स्टेशनों का आधुनिकीकरण ‘अमृत स्टेशन योजना’ के तहत किया जा रहा है। संचार को बेहतर बनाने के लिए 500 नए मोबाइल टावर लगाए जा रहे हैं।

ई-ऑफिस प्रणाली: सरकारी कामकाज में पारदर्शिता लाने के लिए फाइलें अब डिजिटल माध्यम से मूव होती हैं, जिससे भ्रष्टाचार पर लगाम लगी है।

ऊर्जा आत्मनिर्भरता: सरकार ‘हाफ बिजली बिल’ से आगे बढ़कर ‘मुफ्त बिजली’ की ओर कदम बढ़ा रही है, जिसके लिए सोलर पैनल स्थापना पर भारी सब्सिडी दी जा रही है।

  1. शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार

युवाओं को अवसर: प्रदेश में 32,000 सरकारी पदों पर भर्ती की प्रक्रिया जारी है। युवाओं के कौशल को वैश्विक स्तर पर ले जाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

स्वास्थ्य सेवा: 5 नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना और एम्स में रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत से स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव आया है। सरकारी कर्मचारियों के लिए ‘कैशलेस’ इलाज की सुविधा भी शुरू की जा रही है।

सांस्कृतिक गौरव: रामलला दर्शन योजना और चरण पादुका योजना के माध्यम से आस्था और परंपराओं को सहेजा जा रहा है।

निष्कर्ष: मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य सरकार का एकमात्र ध्येय तकनीक और सुशासन के मेल से छत्तीसगढ़ को विकास के उस शिखर पर ले जाना है, जहाँ हर नागरिक सुरक्षित और समृद्ध महसूस करे।

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