पश्चिम एशिया संकट : छत्तीसगढ़ में आपूर्ति व्यवस्था पर मुख्यमंत्री की पैनी नजर, अफवाहों और जमाखोरी के खिलाफ सख्त निर्देश

रायपुर। पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक अस्थिरता के बीच छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्य की सुरक्षा और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कमर कस ली है। मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उन्होंने सभी जिलों के कलेक्टरों, कमिश्नरों और पुलिस अधीक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदेश में ईंधन और खाद्य सामग्री की निर्बाध उपलब्धता बनी रहनी चाहिए।
सतर्कता जरूरी, घबराने की आवश्यकता नहीं
मुख्यमंत्री ने जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में देश किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा:
“वर्तमान में स्थिति नियंत्रण में है और घबराने जैसी कोई बात नहीं है। प्रदेश में पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस (LPG) और उर्वरकों का पर्याप्त भंडार मौजूद है। नागरिक किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें।”
प्रशासनिक मुस्तैदी के लिए उठाए गए कदम
राज्य सरकार ने स्थिति की निगरानी के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं:
कंट्रोल रूम की स्थापना: राज्य स्तर पर एक समर्पित कंट्रोल रूम बनाया गया है। मुख्यमंत्री ने हर जिले में भी इसी तरह के कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश दिए हैं।
नियमित समीक्षा: जिला प्रभारी सचिव और कलेक्टरों को हर दिन आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा करने को कहा गया है।
भ्रामक खबरों पर रोक: सोशल मीडिया पर फैलने वाली गलत जानकारियों को रोकने के लिए पुलिस और प्रशासन को तत्काल तथ्यात्मक जानकारी साझा करने के निर्देश दिए गए हैं।
जमाखोरों पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’
मुख्यमंत्री ने अवैध भंडारण और कालाबाजारी करने वालों को कड़ी चेतावनी दी है। प्रशासन ने पहले ही सक्रियता दिखाते हुए:
प्रदेश भर में 335 स्थानों पर छापेमारी की है।
अब तक 3,841 गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं।
नियमों के उल्लंघन के मामले में 97 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं।
आपूर्ति की वर्तमान स्थिति
तेल कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि:
गैस सिलेंडरों की ऑनलाइन बुकिंग और डिलीवरी सामान्य रूप से चल रही है।
उज्ज्वला योजना के तहत 45 दिन और सामान्य कनेक्शन के लिए 25 दिन के अंतराल पर बुकिंग जारी है।
अस्पतालों, हॉस्टलों, रेलवे और सैन्य संस्थानों जैसी महत्वपूर्ण जगहों पर गैस की आपूर्ति को प्राथमिकता दी जा रही है।
किसानों के लिए खाद की उपलब्धता
खेती-किसानी के सीजन को देखते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उर्वरकों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। सॉफ्टवेयर के माध्यम से स्टॉक की निगरानी की जा रही है ताकि हर किसान को उसकी जरूरत के हिसाब से खाद मिल सके।
जनता के लिए सहायता:
किसी भी शिकायत या कालाबाजारी की सूचना देने के लिए राज्य सरकार ने टोल-फ्री नंबर 1800-233-3663 जारी किया है।
















