सर्दी-जुकाम में किन चीजों से बनाएं दूरी?

हेल्थ न्युज (एजेंसी)। जुकाम की स्थिति में खान-पान का सही चयन उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि सही दवा। कई बार हम अनजाने में ऐसी चीजों का सेवन कर लेते हैं जो रिकवरी को धीमा कर देती हैं।
- डेयरी उत्पादों से परहेज
दूध, दही, पनीर और मक्खन जैसे डेयरी उत्पाद कफ (mucus) को अधिक गाढ़ा बना सकते हैं। इससे सीने में जकड़न और गले की खराश बढ़ सकती है। यदि दवा के लिए दूध पीना अनिवार्य हो, तो इसकी मात्रा कम रखें और इसमें हल्दी मिलाकर गुनगुना ही पिएं।
- क्रीम वाले सूप और फैटी फूड
अक्सर जुकाम में गरमा-गरम सूप अच्छा लगता है, लेकिन क्रीमी सूप से बचना चाहिए। क्रीम बलगम को गाढ़ा करती है। इसके बजाय पतले वेजिटेबल सूप या घर के बने सादे सूप का चुनाव करें। साथ ही, बेक्ड और भारी भोजन पाचन को धीमा करता है, जिससे शरीर की ऊर्जा वायरस से लड़ने के बजाय खाना पचाने में खर्च होने लगती है।
- कैफीन और डिहाइड्रेशन
चाय और कॉफी का अधिक सेवन शरीर को डिहाइड्रेट (पानी की कमी) कर सकता है। इनमें मौजूद कैफीन के कारण बार-बार पेशाब आता है, जिससे शरीर में तरलता कम हो जाती है। जुकाम में शरीर को हाइड्रेटेड रखना बहुत जरूरी है, इसलिए सादा गुनगुना पानी या हर्बल टी बेहतर विकल्प हैं।
- मसालेदार और चटपटा भोजन
लाल मिर्च, काली मिर्च और तीखे मसालों का अत्यधिक प्रयोग गले में जलन पैदा कर सकता है। हालांकि कुछ मसाले बंद नाक खोलते हैं, लेकिन अधिक मसालेदार भोजन गले के संक्रमण को और बढ़ा सकता है। इस दौरान सादा और सुपाच्य भोजन ही सबसे उत्तम है।
- मीठी चीजों का सेवन
चीनी या अत्यधिक मीठा खाने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) पर बुरा असर पड़ता है। शक्कर का अधिक सेवन गले की सूजन को बढ़ा सकता है और रिकवरी की प्रक्रिया को धीमा कर देता है।
जुकाम के दौरान हल्का, गर्म और ताजा भोजन करना चाहिए। यदि लक्षण गंभीर हों या लंबे समय तक बने रहें, तो घरेलू नुस्खों के बजाय विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।
















