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क्या इस साल चांदी ₹2 लाख का आंकड़ा पार करेगी? सिल्वर दे रही है सोने से भी ज़्यादा रिटर्न!

नई दिल्ली (एजेंसी)। इस वर्ष चांदी ने निवेशकों को चौंका दिया है, क्योंकि इसने सोने (Gold) से भी अधिक शानदार रिटर्न दिया है। आंकड़ों के अनुसार, इस साल चांदी की कीमतों में 114% से ज़्यादा की भारी वृद्धि हुई है, जबकि सोने में 68% का उछाल देखा गया है।

एक तरफ, सोना ₹1,30,000 प्रति 10 ग्राम के पार निकल गया है। वहीं, चांदी बुधवार को ₹1,92,000 प्रति किलोग्राम के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गई है। बाज़ार में यह उम्मीद जताई जा रही है कि साल 2025 के अंत से पहले चांदी ₹2 लाख प्रति किलोग्राम के आँकड़े को पार कर सकती है।

कीमतों में तेज़ी के मुख्य कारण

बाज़ार विशेषज्ञों के अनुसार, बुधवार को सोने में हल्की बढ़त देखी गई, जिसे अमेरिकी डॉलर के कमज़ोर होने और फेडरल रिज़र्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की मज़बूत उम्मीदों से सहारा मिला। वैश्विक अनिश्चितताओं के साथ बाज़ार के सतर्क रुख ने भी कीमती धातुओं की कीमतों को और बढ़ावा दिया।

वायदा बाज़ार में चांदी 1.53 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड $61.60 प्रति औंस पर पहुँच गई। पिछले दो कारोबारी सत्रों में इसमें 5.91 प्रतिशत की तेज़ी आई है।

औद्योगिक मांग और कम उत्पादन

चांदी की कीमतों का एक साल में दोगुना हो जाना, इसकी उच्च मांग और कम उत्पादन को दर्शाता है। पिछले कुछ वर्षों में, औद्योगिक क्षेत्रों में चांदी की मांग बढ़ी है।

बदलती तकनीक ने चांदी की खपत को बढ़ाया है।

सोलर पैनल और इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) जैसे क्षेत्रों में चांदी का उपयोग बढ़ रहा है।

जैसे-जैसे इलेक्ट्रिक कारों की मांग बढ़ेगी, वैसे-वैसे चांदी का उपयोग और उसकी मांग भी बढ़ेगी।

वैश्विक तनाव और सुरक्षित निवेश

पूरी दुनिया में बढ़ते तनाव, संघर्ष और अनिश्चितता के माहौल ने सोने और चांदी को सुरक्षित निवेश (Safe Haven Asset) के रूप में और भी आकर्षक बना दिया है। निवेशक अब शेयर बाज़ार के बजाय इन धातुओं में निवेश कर रहे हैं।

अमेरिकी टैरिफ के आर्थिक प्रभावों को लेकर पैदा हुई चिंताओं ने भी कीमतों को सहारा दिया है।

दुनिया भर के सेंट्रल बैंकों द्वारा सोने-चांदी की लगातार खरीदारी से बाज़ार में इन धातुओं की मांग बनी हुई है।

ईटीएफ में भी बड़े पैमाने पर पैसा आ रहा है, जिससे कीमतों में तेज़ी आ रही है।

क्या चांदी ₹2 लाख का स्तर पार कर पाएगी?

बाज़ार के जानकार अब इस बड़े सवाल पर विचार कर रहे हैं कि क्या इस साल चांदी ₹2 लाख प्रति किलोग्राम के आँकड़े को पार कर पाएगी?

विशेषज्ञों का मानना है कि इस साल के अंत तक चांदी ₹2 लाख का भाव पार कर सकती है। इतना ही नहीं, यह 2026 में ₹2.10 लाख से ₹2.25 लाख प्रति किलोग्राम के स्तर तक भी पहुँच सकती है।

एक दिन में बड़ा उछाल

अंतरराष्ट्रीय बाज़ार के मज़बूत संकेतों के साथ बढ़ी घरेलू मांग के बीच, बुधवार को दिल्ली में चांदी की कीमतों में लगभग दो महीनों में एक दिन की सबसे बड़ी तेज़ी दर्ज की गई।

चांदी के दाम ₹11,500 उछलकर ₹1,92,000 प्रति किलोग्राम के नए शिखर पर पहुँच गए।

वहीं, सोने की कीमत ₹800 बढ़कर ₹1,32,400 प्रति 10 ग्राम हो गई।

ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के अनुसार, इस साल अब तक चांदी की कीमतों में 31 दिसंबर 2024 को ₹89,700 प्रति किलोग्राम से ₹1,02,300 या 114.04 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

कारोबारी अमेरिकी फेडरल रिज़र्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती, तेज़ी से बढ़ती मांग, आपूर्ति में लगातार कमी, और एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड में बढ़ते निवेश जैसे कारकों पर दाँव लगा रहे हैं, जो चांदी की इस तेज़ी को और बढ़ावा दे सकते हैं।

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