रायपुर में लग्जरी कार वाली ‘चेन स्नैचर्स’ गैंग का भंडाफोड़ : भीड़ का फायदा उठाकर महिलाओं को बनाती थीं निशाना

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पुलिस ने अंतरराज्यीय महिला गिरोह के एक ऐसे शातिर नेटवर्क को ध्वस्त किया है, जो देशभर के विभिन्न राज्यों में सोने की चेन चोरी करने के लिए जाना जाता था। यह गिरोह मध्यम या साधारण वाहनों के बजाय महंगी कारों (इनोवा) का उपयोग करता था, ताकि किसी को उन पर शक न हो।
बाजार की भीड़ में हुई वारदात
मामले का खुलासा तब हुआ जब तरुणेन्द्र वर्मा ने रायपुर के डी.डी. नगर थाने में अपनी 66 वर्षीय मां के साथ हुई लूट की शिकायत दर्ज कराई। 8 अप्रैल 2026 की शाम, जब उनकी माता चंगोराभाठा बाजार में सब्जी लेने गई थीं, तभी अज्ञात चोरों ने भीड़ का लाभ उठाते हुए उनके गले से सोने की चेन पार कर दी। घर लौटने पर जब उन्हें चेन गायब मिली, तब पुलिस को सूचना दी गई।
CCTV फुटेज से मिला सुराग
रायपुर की एंटी क्राइम एवं साइबर यूनिट और डी.डी. नगर पुलिस ने जब घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की, तो कुछ संदिग्ध महिलाएं पीड़िता के पास मंडराती नजर आईं। फुटेज में साफ देखा गया कि गिरोह की सदस्यों ने बेहद सफाई से चेन चोरी की वारदात को अंजाम दिया।
तकनीकी जांच में सामने आया कि ये महिलाएं वारदात के बाद एक सफेद रंग की इनोवा कार में सवार होकर फरार हो जाती थीं। 15 सदस्यीय पुलिस टीम ने संदिग्ध वाहन का पीछा करना शुरू किया।
घेराबंदी कर बस स्टैंड से गिरफ्तारी
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि संदिग्ध वाहन भाठागांव बस स्टैंड के पास देखा गया है। तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिस ने घेराबंदी की और गाड़ी को रुकवाया। कार की तलाशी लेने पर उसमें 7 महिलाएं और एक पुरुष सवार मिले। शुरुआत में आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन कड़ी पूछताछ के बाद उन्होंने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।
देशभर में फैला था नेटवर्क
पकड़े गए आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र के कई शहरों में भी ऐसी दर्जनों वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। रायपुर में भी उन्होंने सरस्वती नगर, खमतराई, कोतवाली और गोलबाजार जैसे इलाकों में करीब 12 चोरियां करने की बात कबूली है।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण:
पकड़े गए आरोपियों में मुख्य रूप से मध्य प्रदेश (इंदौर) और महाराष्ट्र के निवासी शामिल हैं। गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान संध्या सकटे, सोनिया हातागले, उज्वाला हातागले, साखरा बाई, ज्योति सकटे, सरिता ज्वरे, सपना हातागले और कार चालक अभय हतागले के रूप में हुई है।
पुलिस अब इन आरोपियों से बरामद माल और उनके अन्य साथियों के बारे में पूछताछ कर रही है। यह मामला दर्शाता है कि अपराधी अब अपनी पहचान छुपाने के लिए नए और आधुनिक तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
















