यूक्रेन में ऊर्जा संकट गहराया : रूसी मिसाइलों और ड्रोनों ने फिर मचाई तबाही

कीव (एजेंसी)। रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा संघर्ष एक बार फिर भीषण मोड़ ले चुका है। पिछले चार दिनों के भीतर रूस ने यूक्रेन पर अपना चौथा बड़ा हमला करते हुए उसके पावर ग्रिड (बिजली नेटवर्क) को निशाना बनाया है। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका दोनों देशों के बीच शांति स्थापित करने की कोशिशों में जुटा है, जिससे कूटनीतिक प्रयासों को गहरा झटका लगा है।
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने दी नुकसान की जानकारी
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया के माध्यम से बताया कि रूस ने इस हमले में लगभग 300 ड्रोन, 18 बैलिस्टिक मिसाइलें और 7 क्रूज मिसाइलों का इस्तेमाल किया है। रात भर चले इस हमले ने यूक्रेन के आठ अलग-अलग क्षेत्रों को प्रभावित किया।
हमले के प्रमुख प्रभाव:
जनहानि: उत्तर-पूर्वी शहर खारकीव में एक मेल डिपो पर हुए हमले में चार लोगों की जान चली गई।
अंधेरे में डूबा कीव: राजधानी कीव और उसके आसपास के सैकड़ों घर बिजली गुल होने के कारण अंधेरे में हैं।
कड़ाके की ठंड: कीव में इस समय तापमान -12°C तक गिर चुका है। सड़कों पर बर्फ की चादर बिछी है और बिजली न होने के कारण लोग भारी शोर वाले जनरेटरों पर निर्भर हैं।
नागरिक सुविधाओं पर प्रहार
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, खारकीव और दक्षिणी शहर ओडेसा में दर्जनों लोग घायल हुए हैं। रूसी हमलों ने न केवल ऊर्जा केंद्रों को नुकसान पहुँचाया है, बल्कि अस्पताल, किंडरगार्टन और शिक्षण संस्थानों को भी चपेट में ले लिया है।
यूक्रेनी अधिकारियों का आरोप है कि रूस भीषण सर्दी को एक ‘हथियार’ के रूप में इस्तेमाल कर रहा है। बिजली और पानी की सप्लाई काटकर रूस नागरिकों का मनोबल तोड़ना चाहता है ताकि युद्ध में बढ़त हासिल की जा सके।
कूटनीतिक तनाव और भविष्य की चिंता
महज चार दिन पहले भी रूस ने हाइपरसोनिक मिसाइलों का उपयोग कर नाटो (NATO) देशों को अपनी ताकत का संकेत दिया था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जहां एक ओर युद्ध विराम की कोशिश कर रहे हैं, वहीं रूस के इन आक्रामक कदमों ने तनाव को और बढ़ा दिया है। अमेरिका ने रूस पर युद्ध को जानबूझकर भड़काने का आरोप लगाया है।
लगभग चार साल से जारी यह युद्ध रुकने का नाम नहीं ले रहा है और बुनियादी ढांचे पर हो रहे इन हमलों ने यूक्रेनी नागरिकों के लिए अस्तित्व का संकट खड़ा कर दिया है।
















