मध्यप्रदेश

निवेशकों के व्यापार-व्यवसाय की सफलता की गारंटी हमारी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल (एजेंसी)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निवेशकों से राज्य में बेझिझक पूंजी लगाने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में निवेश आपका, कारोबार आपका, और लाभ भी आपका होगा, सरकार हर कदम पर आपकी मदद करेगी। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार आपके व्यापार की सफलता की गारंटी है और मध्य प्रदेश को पूंजी निवेश के लिए देश का मॉडल स्टेट बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जल्द ही धार में पीएम-मित्रा पार्क का भूमि पूजन किया जाएगा, जो भारत को वैश्विक टेक्सटाइल केंद्र बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा। मुख्यमंत्री ने यह बात नई दिल्ली के आईटीसी मौर्या होटल में आयोजित एक सत्र में कही, जिसमें केंद्रीय वस्त्र मंत्री श्री गिरिराज सिंह भी मौजूद थे। इस कार्यक्रम में देश के कई बड़े उद्योगपतियों ने हिस्सा लिया।

निवेशकों ने दिखाई भारी रुचि

दिल्ली में आयोजित इस सत्र में 15 बड़ी कंपनियों ने मध्य प्रदेश के टेक्सटाइल क्षेत्र में निवेश में रुचि दिखाई, जिससे लगभग ₹12,508 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इन निवेशों से 18 हजार से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। प्रमुख निवेशकों में ट्राइडेंट (₹4500 करोड़), ए.बी. कॉटस्पिन इंडस्ट्री (₹1300 करोड़), अरविंद मिल्स (₹1024 करोड़) और सनातन टेक्सटाइल्स (₹1000 करोड़) जैसी कंपनियां शामिल हैं।

पीएम-मित्रा पार्क: एक मिशन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘5एफ विजन’ (फार्म टू फाइबर, फाइबर टू फैक्ट्री, फैक्ट्री टू फैशन, और फैशन टू फॉरेन) को मध्य प्रदेश ने एक मिशन के रूप में अपनाया है। इसका उद्देश्य स्वदेशी कपड़ों की गुणवत्ता को विश्व स्तरीय बनाकर उन्हें वैश्विक बाजारों तक पहुँचाना है। उन्होंने कहा कि भारत पुराने समय से ही कपड़ा और मसालों के व्यापार में अग्रणी रहा है और केंद्र सरकार कठिन समय में भी उद्योगपतियों के साथ खड़ी है। मध्य प्रदेश, जो कपास उत्पादन में देश में सातवें स्थान पर है, इस पार्क के लिए एक आदर्श स्थान है। राज्य में बेहतर कानून-व्यवस्था है और यह औद्योगिक शांति के लिए जाना जाता है, जहाँ कभी औद्योगिक हड़ताल नहीं होती।

निवेश के लिए आदर्श राज्य

मध्य प्रदेश देश के केंद्र में स्थित है और निवेशकों के लिए कई अनुकूल सुविधाएं प्रदान करता है। राज्य से दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर गुजरता है, यहाँ 8 हवाई अड्डे और एक विस्तृत रेल नेटवर्क है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में सस्ती दरों पर भूमि, बिजली, पानी, सड़क और कुशल श्रमिक उपलब्ध हैं। उन्होंने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनके व्यापार के विकास के लिए हर समय उनके साथ खड़ी है और उन्हें भरपूर प्रोत्साहन (incentives) भी देगी।

केंद्र सरकार की पहल: वैश्विक प्रतिस्पर्धा में बढ़त

केंद्रीय वस्त्र मंत्री श्री गिरिराज सिंह ने कहा कि धार का पीएम-मित्रा पार्क केवल एक परियोजना नहीं, बल्कि वस्त्र उद्योग की दशकों पुरानी मांग का समाधान है। यह पार्क भारत को वैश्विक टेक्सटाइल बाजार में एक नई पहचान देगा और देश का सबसे बड़ा एकीकृत टेक्सटाइल हब बनेगा। उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने कपास पर आयात शुल्क में छूट और नीति सुधार जैसे कई कदम उठाए हैं। केंद्रीय अतिरिक्त सचिव श्री रोहित कंसल ने कहा कि मध्य प्रदेश निवेशकों से आवेदन लेना शुरू करने वाला देश का पहला राज्य है, और इस पार्क की खासियत ‘ऑल प्री-अप्रूवल’ (सभी पूर्व-अनुमोदन) है, जिससे निवेशकों को अतिरिक्त औपचारिकताओं से मुक्ति मिलेगी।

परंपरा और आधुनिकता का संगम

वस्त्र मंत्रालय की केंद्रीय सचिव श्रीमती नीलम शमी राव ने बताया कि यह पार्क 2,158 एकड़ भूमि पर विकसित किया जा रहा है और यह देश का सबसे बड़ा और लागत-प्रभावी टेक्सटाइल पार्क होगा। यहाँ ‘फार्म-टू-फैशन’ की पूरी वैल्यू चेन उपलब्ध होगी, जिससे लागत कम होगी और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के लिए ₹2,000 करोड़ की योजना तैयार की गई है और इसमें आधुनिक सुविधाएं जैसे ज़ीरो लिक्विड डिस्चार्ज और प्लग-एंड-प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं। श्रीमती राव ने यह भी कहा कि मध्य प्रदेश अपनी पारंपरिक ताकत, जैसे माहेश्वरी और चंदेरी को आधुनिक औद्योगिक ढांचे से जोड़कर एक नया अध्याय लिख रहा है।

गेमचेंजर साबित होगा यह पार्क

प्रमुख सचिव श्री राघवेंद्र सिंह ने कहा कि यह पार्क केवल मध्य प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश के टेक्सटाइल सेक्टर के लिए एक गेमचेंजर साबित होगा। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश विश्व का 24% नॉन-जीएमओ ऑर्गेनिक कॉटन का उत्पादन करता है। राज्य की नई औद्योगिक नीति-2025 में पूंजीगत अनुदान, ब्याज सब्सिडी और निर्यात प्रोत्साहन जैसे प्रावधान हैं। उन्होंने बताया कि इस परियोजना से लगभग दो लाख रोजगार पैदा होंगे और ₹10,000 करोड़ से अधिक का निवेश आकर्षित होगा।

यह पार्क निवेश, निर्यात और रोजगार तीनों क्षेत्रों में मध्य प्रदेश को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा और वैश्विक टेक्सटाइल मानचित्र पर राज्य की अग्रणी स्थिति को सुनिश्चित करेगा।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button