शहरों और राज्यों में स्वच्छता की होड़ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल (एजेंसी)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उनकी इस पहल से न केवल देश में स्वच्छता का माहौल बदला, बल्कि विश्व के कई देशों ने भी इसे अपनाया। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत आर्थिक रूप से सशक्त हुआ है और अब स्वच्छ देश के रूप में भी इसकी पहचान बन रही है।
स्वच्छता को प्राथमिकता मिलने से अब राज्यों के साथ-साथ शहरों में भी साफ-सफाई के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश का देश के प्रमुख स्वच्छ राज्यों में शामिल होना राज्य सरकार और प्रदेशवासियों के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन के फलस्वरूप अब हमारे नगर-निगम मेट्रोपॉलिटन सिटी बनने की दिशा में अग्रसर हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार, 14 अक्टूबर, 2025 को भोपाल के रवीन्द्र भवन में आयोजित 5वें राज्य स्तरीय स्वच्छता सम्मान एवं कार्यशाला “स्वच्छता समग्र समारोह” को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का शुभारंभ उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित करके किया और सफाई मित्रों को सम्मानित भी किया। इस अवसर पर स्वच्छता अभियान पर बनी एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई। नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी भी इस कार्यक्रम में मौजूद थीं।
नगरीय निकायों को ₹7 हज़ार करोड़ की सौगात
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंगल क्लिक से प्रदेश के नगरीय निकायों को ₹7 हज़ार करोड़ की परियोजनाओं की सौगात दी। उन्होंने प्रदेश को ग्रीन और क्लीन सिटी वाला राज्य बनाने की दिशा में योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ने का संकल्प व्यक्त किया।
उन्होंने बताया कि इंदौर ने स्वच्छता में लगातार नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। हालिया स्वच्छता सर्वेक्षण में मध्यप्रदेश के उज्जैन, भोपाल और जबलपुर समेत 8 शहरों को स्वच्छता पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। साथ ही, मंडला और टीकमगढ़ जैसे 6 छोटे जिलों ने भी स्थान बनाया है। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में शहरों से पुराने कचरे (लिगेसी वेस्ट) को पूरी तरह समाप्त किया जाए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 में उत्कृष्ट स्थान प्राप्त करने पर जबलपुर, उज्जैन, भोपाल, ग्वालियर, देवास, इंदौर नगर निगम, और शाहगंज नगर परिषद, बुदनी नगर पालिका के जनप्रतिनिधियों और सफाई मित्रों को पुरस्कार वितरित किए।
महत्त्वपूर्ण योजनाएँ और सम्मान समारोह
मुख्यमंत्री ने बताया कि स्वच्छता की विभिन्न श्रेणियों में 64 पुरस्कार दिए गए हैं। प्रदेश को दीपावली से पहले ही लगभग ₹22.5 हज़ार करोड़ की सौगातें मिल रही हैं, जिनमें:
₹10 हज़ार करोड़ की लागत वाली नमामि नर्मदे योजना की शुरुआत।
अमृत 2 योजना के तहत ₹7 हज़ार करोड़ की सौगात।
₹5 हज़ार करोड़ लागत की मुख्यमंत्री अधोसंरचना योजना का शुभारंभ।
उन्होंने कहा कि अगले 3 वर्षों में लगभग ₹20 हज़ार करोड़ की योजनाएं साकार रूप लेंगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह भी उल्लेख किया कि सिंहस्थ: 2028 (उज्जैन) विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक मेला है, जिसके लिए बड़े स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। उन्होंने पवित्र नदियों में जल को नमन करने और सिंहस्थ जैसे आयोजनों में स्नान के महत्व पर जोर दिया, कहा कि यह आयोजन विश्व के लिए एक उदाहरण बनेगा।
सफाई मित्रों का सम्मान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल पर, दीपावली से पहले ही सफाई मित्रों का सम्मान किया गया। अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवास श्री संजय दुबे ने बताया कि मुख्यमंत्री का मानना था कि दीपावली पर सफाई का विशेष महत्व होता है और इसमें सफाई मित्रों की भूमिका अहम होती है, इसलिए पर्व से पहले उनका सम्मान होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले नगर निकायों को पुरस्कृत किया। साथ ही, लक्ष्मी, गुड्डी बाई, पुष्पा, कालीचरण और जीवन जैसे सफाई मित्रों को भी उनके उल्लेखनीय कार्य के लिए सम्मानित किया गया।
स्वच्छता को संस्कार में लाने की आवश्यकता
नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी ने इस बात पर जोर दिया कि हमें आसपास की स्वच्छता के साथ-साथ मानसिक स्वच्छता को भी सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने कहा कि स्वच्छता को हमारे संस्कार में शामिल करना ज़रूरी है, क्योंकि विचार और संस्कार से ही व्यक्ति अपने आसपास की साफ-सफाई के लिए सक्रिय होता है।
उन्होंने वार्डवार कचरा प्रबंधन सुनिश्चित करने, कचरा संग्रहण में सक्रिय होने और सड़कों, गलियों के साथ-साथ जल संरचनाओं की स्वच्छता को भी प्राथमिकता देने की बात कही, तभी शहरों को सुंदर बनाया जा सकेगा।
राज्य की उपलब्धियाँ और भविष्य के संकल्प
अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवास श्री संजय दुबे ने बताया कि मध्यप्रदेश लगातार 8 वर्षों से स्वच्छता के क्षेत्र में नए प्रतिमान स्थापित कर रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की शुरुआत को श्रेय देते हुए कहा कि राज्य सरकार ने स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।
श्री दुबे ने संकल्प व्यक्त किया कि इस वर्ष बारिश से पहले प्रदेश के लगभग 40 नगरीय निकायों से वर्षों से जमा कचरा हटा दिया जाएगा। साथ ही, डोर-टू-डोर कचरा संकलन गतिविधि का भी विस्तार किया जाएगा।
पुरस्कृत स्थानीय निकाय (संक्षेप में)
सफाई मित्र सुरक्षित श्रेणी: जबलपुर नगर निगम।
सुपर स्वच्छ लीग: उज्जैन नगर निगम।
स्वच्छ शहर श्रेणी (जनसंख्या अनुसार): भोपाल, ग्वालियर, देवास नगर निगम।
वायु सर्वेक्षण: देवास।
स्वच्छ शहर: सीहोर जिले के शाहगंज और बुदनी नगरीय निकाय (इन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर भी पुरस्कार प्राप्त किए)।
फास्टेस्ट मूवर्स सिटीज और तरल/ठोस अपशिष्ट के बेहतर निष्पादन के लिए भी 15 और 11 नगरीय निकायों को पुरस्कृत किया गया।
कार्यशाला का विवरण
5वें राज्य स्तरीय स्वच्छता सम्मान समारोह में आयोजित कार्यशाला में आयुक्त नगरीय प्रशासन श्री संकेत भोंडवे ने नगरीय निकायों से कचरे के सुरक्षित निष्पादन के लिए टेक्नोलॉजी को अंतिम पायदान तक लाने और कर वसूली के कार्य को प्राथमिकता के साथ 31 दिसंबर तक पूरा करने का अनुरोध किया।
केपीएमजी के संचालक श्री प्रबल भारद्वाज ने बताया कि स्वच्छता अभियान में लगातार बदलाव आ रहे हैं, और स्वच्छता लीग में शामिल हो चुके शहरों के सामने अब और भी बड़ी चुनौतियाँ हैं। उन्होंने नागरिकों को लगातार जागरूक करने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस कार्यशाला में स्वच्छता और कचरा निष्पादन में सर्वोत्तम अभ्यास (Best Practices) करने वाले नगरीय निकायों ने अपने प्रेजेंटेशन भी दिए।
















