मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में चित्रकूट का होगा सर्वांगीण विकास

भोपाल (एजेंसी)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि चित्रकूट का विकास इसकी प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक धरोहर को सुरक्षित रखते हुए किया जाएगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि चित्रकूट में बड़े निर्माण कार्यों की आवश्यकता नहीं है; इसके बजाय, प्रयास मंदाकिनी नदी को स्वच्छ और निरंतर प्रवाहित रखने, भगवान कामतानाथ के सुगमता से दर्शन सुनिश्चित करने और भक्तों को आसानी से भोजन-प्रसाद उपलब्ध कराने जैसे कार्यों पर केंद्रित रहेंगे।
संतों, प्रबुद्धजनों और आम नागरिकों के सुझावों से विकास योजना
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि चित्रकूट की विकास योजना संतों, प्रबुद्ध नागरिकों और आम जनता से प्राप्त सुझावों के आधार पर तैयार की जाएगी। भगवान श्री राम की तपोभूमि चित्रकूट को धार्मिक पर्यटन और ग्रामीण पर्यटन का एक प्रमुख केंद्र बनाया जाएगा। सड़क चौड़ीकरण, परिक्रमा पथ का सौंदर्यीकरण और धार्मिक स्थलों का विकास जैसे महत्वपूर्ण कार्य तेजी से पूरे किए जाएंगे। 19 अक्टूबर 2025 को चित्रकूट के आरोग्यम में प्रबुद्धजनों के साथ चर्चा के दौरान डॉ. यादव ने यह बातें कहीं।
2800 करोड़ रुपये के निर्माण कार्य अगले वर्ष अप्रैल तक होंगे पूरे
डॉ. यादव ने एक सराहनीय पहल का उल्लेख किया कि चित्रकूट के विकास के लिए 163 स्थानों पर लोगों ने स्वेच्छा से अपने भवन तोड़कर ज़मीन उपलब्ध कराई है। उन्होंने चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय और दीनदयाल शोध संस्थान से आग्रह किया कि वे पशुपालन की आधुनिक तकनीकों से किसानों और युवाओं को अवगत कराकर दूध उत्पादन बढ़ाने में सहयोग करें।
मुख्यमंत्री ने बताया कि चित्रकूट के विकास के लिए वर्तमान में जारी 2800 करोड़ रुपये के निर्माण कार्य अगले वर्ष अप्रैल तक पूरे हो जाएंगे। उन्होंने होम-स्टे को बढ़ावा देकर ग्रामीण पर्यटन को विकसित करने और रोज़गार के नए अवसर पैदा करने की बात कही।
डॉ. यादव ने कलेक्टर सतना को निर्देश दिए कि वे संतों, प्रबुद्धजनों और आम जनता से विकास के सुझाव प्राप्त कर एक कार्य योजना तैयार करें। उन्होंने आरोग्यम में भारतरत्न राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख की प्रतिमा पर पुष्पांजलि भी अर्पित की।
समग्र विकास के लिए 5000 करोड़ की कार्ययोजना
सांसद श्री गणेश सिंह ने दौरी सागर बांध के निर्माण की बाधाएँ दूर करने की माँग की, जिसके बनने से मंदाकिनी नदी को नया जीवन मिलेगा। उन्होंने कहा कि चित्रकूट के विकास के लिए एक उत्कृष्ट ब्लूप्रिंट तैयार किया गया है, जिसके क्रियान्वयन से चित्रकूट एक शानदार धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में उभरेगा।
कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने जानकारी दी कि चित्रकूट के समग्र विकास के लिए 5 हज़ार करोड़ रुपये की कार्ययोजना तैयार की गई है, जिसमें से 2800 करोड़ रुपये के कार्य अगले अप्रैल माह तक पूर्ण हो जाएंगे। इस कार्ययोजना में नगर वन निर्माण, घाट निर्माण, सड़कों का विकास, मंदाकिनी नदी की साफ-सफाई, परिक्रमा पथ का विकास और मझगवां में औद्योगिक इकाइयों व शिक्षण संस्थानों की स्थापना जैसे कार्य शामिल हैं।
मुख्यमंत्री द्वारा ‘रामचन्द्र’ पुस्तिका का विमोचन और पंचवटी घाट पर दीपदान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद द्वारा प्रकाशित ‘रामचन्द्र’, जो श्री राम राजा सरकार के चरित्र की चित्रकथा है, का विमोचन किया। कार्यक्रम में डीआरआई के संगठन सचिव श्री अभय महाजन ने विकास कार्यों की जानकारी दी।
चित्रकूट प्रवास के दौरान, दीपावली मेले के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आरोग्य धाम में मां मंदाकिनी के पंचवटी घाट पर दीपदान किया और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सनातन संस्कृति समृद्ध हो रही है। उन्होंने आगे कहा कि मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश सरकारें मिलकर चित्रकूट के आध्यात्मिक, पर्यटन और श्रद्धालु सुविधाओं के विकास पर काम कर रही हैं, जिससे इसका वैभव और गौरव भविष्य में और बढ़ेगा।
बच्चों के साथ बांटी दीपावली की खुशियाँ
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पंचवटी घाट पर श्री राम के गुणों पर केंद्रित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने दीवारी नृत्य कर रहे कलाकार दलों के बच्चों को प्रोत्साहित किया और उनके बीच पहुँचकर मिष्ठान और उपहार देकर दीपावली की खुशियाँ साझा कीं। उन्होंने पंचवटी में चित्रकूट के साधु-संतों से भेंट कर उनका सम्मान भी किया।
















