मध्यप्रदेश

मक्सी बनेगा हरित विनिर्माण (ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग) केंद्र : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

भोपाल (एजेंसी)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि मालवा क्षेत्र, जो अपनी मीठी संस्कृति और उपजाऊ भूमि के लिए प्रसिद्ध है, अब हरित ऊर्जा (ग्रीन एनर्जी) का केंद्र बनने जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र नए संकल्पों के साथ ऊर्जा और उत्साह से भर रहा है। शाजापुर, जिसे अभी तक सोने और नमकीन के लिए जाना जाता था, अब औद्योगिक प्रगति के लिए भी अपनी पहचान बनाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा महाकाल की कृपा से, उज्जैन और शाजापुर की धरती हरित ऊर्जा उत्पादन में उपयोग होने वाले उपकरणों के निर्माण का केंद्र बनेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मक्सी नगर सेंट्रल इंडिया के ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित होगा, जिससे स्थानीय किसानों को अपने ही क्षेत्र में प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और भंडारण की सुविधा मिलेगी।

डॉ. यादव रविवार को शाजापुर जिले के औद्योगिक क्षेत्र मक्सी के दशहरा मैदान में आयोजित विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के शिलान्यास और लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

₹8174 करोड़ की औद्योगिक इकाइयों का शिलान्यास और लोकार्पण

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मक्सी नगर में लगभग ₹8174 करोड़ की लागत वाली 6 औद्योगिक इकाइयों का शिलान्यास (4 इकाइयाँ) और लोकार्पण (2 इकाइयाँ) किया।

इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने लगभग ₹384 करोड़ से अधिक की लागत से उज्जैन से मक्सी तक बनने वाले करीब 38.95 किलोमीटर लंबे फोर लेन सड़क निर्माण कार्य का भी शिलान्यास किया।

समृद्धि और प्रगति की अनवरत यात्रा पर मध्य प्रदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में अब पवित्र परंपराओं की चमक के साथ समृद्धि और प्रगति की नई रोशनी दिखाई दे रही है, जो एक विकसित भविष्य का संकेत है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार के तहत प्रदेश की अनवरत प्रगति पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि मक्सी औद्योगिक क्षेत्र में शिलान्यास की गई औद्योगिक इकाइयों की एक-एक ईंट मालवा क्षेत्र की नई ऊर्जा और विकास का आधार बनेगी। जल्द ही यह भूमि न केवल आध्यात्मिक रूप से प्रकाशित होगी, बल्कि औद्योगिक ऊर्जा से भी चमकेगी। पार्वती-कालीसिंध नदी जोड़ो लिंक परियोजना का लाभ भी क्षेत्र को मिलेगा।

आज मक्सी की उपजाऊ भूमि पर बोया गया विकास का बीज आने वाले वर्षों में हजारों युवाओं के जीवन में समृद्धि लाएगा।

शाजापुर जिले को औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के साथ-साथ कई विकास कार्यों की सौगात भी मिल रही है।

आज ₹487.36 करोड़ की लागत से 20 विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास हुआ है। 6 औद्योगिक इकाइयों के शिलान्यास और लोकार्पण से ₹8174 करोड़ से अधिक का पूंजी निवेश आएगा, जिससे क्षेत्र के 15,000 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।

जनकल्याण और विकास की महत्वपूर्ण घोषणाएँ

किसान कल्याण और महिला सशक्तिकरण

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश शांति, समरसता, सुशासन और औद्योगीकरण का केंद्र बन चुका है। उन्होंने बहनों के आर्थिक कल्याण के लिए किए गए वादों को पूरा करने की बात दोहराई।

लाड़ली बहना योजना के तहत ₹1500 की मासिक सहायता के अलावा, कामकाजी बहनों को रोजगार-आधारित उद्योगों में रोजगार मिलने पर सरकार ₹5000 की अतिरिक्त मासिक प्रोत्साहन राशि देगी।

किसानों की आय बढ़ाने के लिए दुग्ध उत्पादन को 20% तक ले जाया जाएगा, और गाय पालने वालों को ₹40 प्रति गौमाता अनुदान दिया जाएगा।

गीता जयंती हर्षोल्लास से मनाई जाएगी, और प्रदेश के सभी नगरों में गीता भवन भी बनाए जाएंगे।

उज्जैन और शाजापुर: जुड़वां भाई

मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन और शाजापुर जुड़वां भाइयों की तरह हैं। उज्जैन के विकास का लाभ शाजापुर को भी मिल रहा है। शाजापुर जिले में विकास की नई लहर है।

शुजालपुर में आयुर्वेदिक कॉलेज और शाजापुर में मेडिकल कॉलेज बनने जा रहा है।

जनजातीय कल्याण के लिए, जनजातीय कार्य विभाग के कन्या शिक्षा परिसर/आश्रम/छात्रावास अब महारानी दुर्गावती के नाम से, और बालक छात्रावास महाराजा शंकर शाह के नाम पर संचालित किए जाएंगे।

उज्जैन-देवास-शाजापुर: नया औद्योगिक सर्किट

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन, देवास और शाजापुर मिलकर मध्य प्रदेश की नई औद्योगिक त्रिवेणी बन रहे हैं। यहां निवेश, उद्योग, उपजाऊ भूमि और कुशल कार्यबल (स्किल्ड वर्कफोर्स) उपलब्ध है।

यह कॉरिडोर हरित ऊर्जा, विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग), एमएसएमई, सप्लाई चेन, खाद्य प्रसंस्करण और ऊर्जा उपकरणों के निर्माण का तेजी से उभरता हुआ क्लस्टर बन चुका है।

शाजापुर के मक्सी नगर में 88 हेक्टेयर में विकसित औद्योगिक क्षेत्र की 60 से अधिक सक्रिय इकाइयाँ लगभग 9,000 लोगों को रोजगार दे रही हैं।

भदौनी-बामनियाखेड़ी-खेरखेड़ी क्षेत्र में ₹30 करोड़ से अधिक की लागत से विकसित हो रहे एमएसएमई पार्क में लगभग ₹2500 करोड़ का पूंजी निवेश हो रहा है, जिससे 4,000 नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

किसानों के लिए राहत और विकास कार्य

सरकार ने अब तक फसल क्षति और प्राकृतिक आपदा के लिए प्रदेश के किसानों को कुल ₹1802 करोड़ से अधिक की राहत राशि दी है।

भावांतर योजना के तहत 1.33 लाख से अधिक किसानों के खातों में ₹233 करोड़ भावांतर राशि अंतरित की गई है।

विकास कार्यों का विवरण

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शाजापुर जिले के लिए ₹487.36 करोड़ से अधिक के 20 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।

लोकार्पण: ₹68.93 करोड़ की लागत से 11 विकास कार्य, जिसमें सरदार वल्लभ भाई पटेल सांदीपनि विद्यालय के नवीन भवन का लोकार्पण (₹51.62 करोड़) शामिल है।

शिलान्यास: ₹418.42 करोड़ की लागत से 9 विकास कार्य।

शाजापुर जिले के 60,000 से अधिक किसानों को सिंगल क्लिक से ₹39.50 करोड़ राहत राशि का वितरण किया गया।

प्रमुख घोषणाएँ

स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांग पर मुख्यमंत्री ने कई विकास कार्यों की घोषणा की:

लखुन्दर सिंचाई परियोजना को मंजूरी।

बेरछा-झोकरा-मक्सी सड़क मार्ग का ₹110 करोड़ से उन्नयन कार्य मंजूर।

मोहन बड़ोदिया में बायपास सहित अन्य क्षेत्रीय सड़कों का निर्माण कार्य मंजूर।

लखुंदर नदी पर ₹20 करोड़ की लागत से उच्च स्तरीय पुल निर्माण कार्य।

मतगांव में 315 एमपीए क्षमता का ग्रिड निर्माण।

मक्सी में युवाओं के कौशल विकास के लिए प्रस्तावित लैब निर्माण।

नगरपालिका शाजापुर और नगर परिषद मक्सी में विभिन्न विकास कार्यों के लिए ₹10-10 करोड़।

जिन औद्योगिक इकाइयों का शिलान्यास हुआ उनमें मेसर्स जैक्सन इन्ट्रीग्रेटेड सोलर लिमिटेड (निवेश राशि – ₹7104.89 करोड़) और मेसर्स रूक्मणी एंड संस (निवेश राशि – ₹10 करोड़) शामिल हैं।

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