सभी पात्र हितग्राहियों तक खाद्यान्न योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल (एजेंसी)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 8 दिसंबर 2025, सोमवार को खजुराहो के कन्वेंशन सेंटर में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की समीक्षा बैठक की।
बैठक के दौरान, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि हर पात्र लाभार्थी (हितग्राही) को खाद्यान्न वितरण का लाभ सरलता और समय पर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद गरीबों, श्रमिकों, किसानों और महिलाओं का कल्याण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
समीक्षा बैठक में जिन प्रमुख विषयों पर विचार-विमर्श किया गया, उनमें लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (Targeted Public Distribution System – TPDS), उपार्जन (खरीद) प्रक्रिया, तकनीकी नवाचार, और सिंहस्थ 2028 की तैयारियां शामिल थीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभाग के नवाचारों की सराहना की और अन्य विषयों पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
ई-केवाईसी और लक्षित वितरण में बेहतर कार्य
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पात्र हितग्राहियों के ई-केवाईसी (e-KYC) और राइट फुल टारगेटिंग (सही लक्षित वितरण) के उत्कृष्ट कार्य पर विभाग की प्रशंसा की। उन्होंने निर्देश दिया कि यह प्रक्रिया नियमित अंतराल पर दोहराई जाए ताकि सभी पात्र लोगों को मुफ्त खाद्यान्न मिलता रहे।
खाद्य संचालनालय ने एक बड़े अभियान (कैंपेन मोड) के तहत ई-केवाईसी और राइट फुल टारगेटिंग का कार्य किया।
चरणबद्ध सत्यापन के बाद, 34 लाख से अधिक अपात्र या डुप्लीकेट हितग्राहियों को पोर्टल से हटा दिया गया।
इस प्रक्रिया से प्रतीक्षा सूची में शामिल लगभग 14 लाख नए पात्र लाभार्थियों को पात्रता पर्ची जारी कर मुफ्त खाद्यान्न वितरित किया जा रहा है।
असंगठित श्रमिकों को प्राथमिकता और निःशुल्क वितरण
बैठक में यह जानकारी दी गई कि ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत असंगठित और प्रवासी श्रमिकों को मुफ्त राशन का लाभ देने के लिए 29वीं प्राथमिकता श्रेणी बनाई गई है।
इस श्रेणी के तहत 7.25 लाख परिवारों के 25.18 लाख नए श्रमिकों को पात्रता पर्ची के माध्यम से मुफ्त राशन दिया जा रहा है।
पिछले दो वर्षों में, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत 5.25 करोड़ से अधिक पात्र हितग्राहियों को ₹19,935 करोड़ मूल्य का 66.37 लाख मीट्रिक टन मुफ्त खाद्यान्न वितरित किया गया है।
प्रदेश में खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 में शामिल 536.23 लाख पात्र हितग्राहियों में से 93% (497.08 लाख) का ई-केवाईसी पूरा हो चुका है।
किसानों को एमएसपी के साथ बोनस और प्रोत्साहन राशि
राज्य सरकार किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य सुनिश्चित कर रही है:
गेहूं: रबी विपणन वर्ष 2024-25 और 2025-26 में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं बेचने वाले किसानों को ₹29,558.40 करोड़ की एमएसपी राशि के साथ ₹1,965 करोड़ का बोनस भी दिया गया है।
वर्ष 2024-25 में ₹125 प्रति क्विंटल और 2025-26 में ₹175 प्रति क्विंटल का बोनस दिया गया।
धान: खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 में धान बेचने वाले किसानों को ₹19,208.76 करोड़ की एमएसपी राशि और मुख्यमंत्री कृषि उन्नति योजना के अंतर्गत ₹337.11 करोड़ की प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया गया है।
चावल उत्पादक किसानों को लाभ पहुँचाते हुए, वर्ष 2024-25 में 9.64 लाख मीट्रिक टन चावल का रिकॉर्ड केन्द्रीय पूल में जमा किया गया है।
लाड़ली बहनों को उज्ज्वला योजना का लाभ
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की लाभार्थी और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की कनेक्शनधारी महिलाओं को भी रियायती लाभ मिला है:
पिछले दो वर्षों में 616.97 लाख रिफिल प्रदान किए गए हैं।
इसके लिए ₹911.32 करोड़ के अनुदान (सब्सिडी) का भुगतान किया गया है।
सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को अभियान बनाने पर ज़ोर
शहरी गैस वितरण (CGD) नेटवर्क को मज़बूत करने के लिए मध्यप्रदेश शहरी गैस वितरण (सीजीडी) नेटवर्क विकास एवं विस्तार नीति 2025 इस वर्ष 14 फरवरी को लागू की गई। एनओसी जारी करने के लिए सिंगल विण्डो पोर्टल भी शुरू किया गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के कार्य को अभियान के रूप में चलाने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को लाभ पहुँचाने के लिए अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ा जाए।
नवाचार: पारदर्शिता और बेहतर मॉनिटरिंग
विभाग ने वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए कई नवाचार किए हैं:
एसएमएस मॉनिटरिंग: राशन वितरण संबंधी हर कदम की सूचना एसएमएस द्वारा पात्र लाभार्थियों के मोबाइल पर दी जा रही है।
सार्वजनिक वाचन: 26 जनवरी और 2 अक्टूबर को ग्राम सभाओं में राशन वितरण का सार्वजनिक रूप से वाचन करना अनिवार्य किया गया है।
जन पोषण केंद्र: इंदौर जिले की 30 उचित मूल्य की दुकानों को जन पोषण केंद्र में बदला गया है, जिससे दुकानदारों की मासिक आय में ₹10 से 15 हजार तक की वृद्धि हुई है। इसका विस्तार जल्द ही अन्य जिलों में भी किया जाएगा।
मॉनिटरिंग में तकनीक का उपयोग:
मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना के वाहनों में जीपीएस के माध्यम से स्टेट लेवल कमाण्ड कन्ट्रोल सेंटर से मॉनिटरिंग की जा रही है।
मध्यप्रदेश वेयर हाउसिंग एण्ड लॉजिस्टिक कार्पोरेशन की गतिविधियों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए मॉइश्चर ऐप, फ्यूमिगेशन ऐप और इंस्पेक्शन ऐप जैसे तकनीक-आधारित उपाय विकसित किए गए हैं।
आगामी 3 वर्ष की कार्ययोजना
विभाग ने आगामी तीन वर्षों के लिए अपनी कार्ययोजना प्रस्तुत की:
आधुनिक पीओएस मशीनें: उचित मूल्य दुकानों पर आधुनिक पीओएस (Point of Sale) मशीनें लगाई जाएंगी, जिनमें वजन कांटे (तौल कांटे) का इंटीग्रेशन और आईरिस स्केनर का प्रावधान होगा, जिससे वितरण तेज और पारदर्शी बनेगा।
स्मार्ट पीडीएस: लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत स्मार्ट पीडीएस योजना का क्रियान्वयन किया जाएगा।
सॉफ्टवेयर इंटीग्रेशन: एंड-टू-एंड कंप्यूटराइजेशन के तहत खाद्य संचालनालय, MPSCSC और MPWLC के सॉफ्टवेयरों को एकीकृत किया जाएगा।
सोलर पैनल: शासकीय गोदामों की छत पर सोलर पैनल लगाने का प्रस्ताव है, जिससे ऊर्जा की बचत होगी।
भंडारण आधुनिकीकरण: भंडारण प्रक्रिया का आधुनिकीकरण और गोदामों का अपग्रेडेशन किया जाएगा, जिसमें उन्नत तकनीकी की सहायता से डेटा सिंक्रोनाइजेशन भी शामिल है।
परिवहन ट्रैकिंग: उपार्जित खाद्यान्न परिवहन करने वाले वाहनों की जीपीएस से ट्रैकिंग और रूट ऑप्टिमाइजेशन किया जाएगा, जिससे परिवहन लागत में कमी आएगी।
सिंहस्थ-2028 की तैयारियां
सिंहस्थ-2028 के लिए खाद्यान्न सामग्री के वितरण की योजना भी प्रस्तुत की गई:
अस्थायी राशन कार्ड: अखाड़ों की मांग के अनुसार अस्थायी राशन कार्ड जारी किए जाएंगे, साथ ही उन्हें अस्थायी गैस कनेक्शन भी दिए जाएंगे।
उचित मूल्य दुकानें: मेला क्षेत्र में 40 उचित मूल्य दुकानें स्थापित की जाएंगी।
संगठित व्यवस्था: सुचारु व्यवस्था के लिए मेला क्षेत्र को 8 ज़ोन और 16 सेक्टरों में विभाजित किया जाएगा। भंडारण के लिए गोदामों की भी स्थापना की जाएगी।
इस समीक्षा बैठक में खाद्य मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
















