चार जिलों में विशेष जनजातीय सांस्कृतिक केंद्र बनेंगे : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

भोपाल (एजेंसी)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उनकी सरकार की प्राथमिकताओं में छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, रोजगार, और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण शामिल है। मुख्यमंत्री ने खजुराहो के महाराजा छत्रसाल कन्वेंशन सेंटर में अनुसूचित जाति कल्याण और जनजातीय कार्य विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान ये बातें कहीं।
शिक्षा एवं कल्याण के लिए अहम निर्देश
अनुसूचित जाति कल्याण विभाग की समीक्षा में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छात्रों के छात्रावासों को आधुनिक बनाने और उनमें नवीन तकनीक का इस्तेमाल करने पर जोर दिया। उन्होंने निर्माणाधीन छात्रावास भवनों का कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।
उच्च शिक्षा और स्व-रोजगार: युवाओं को ऋण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को त्वरित और सरल बनाने का निर्देश दिया गया।
विदेश अध्ययन: विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति योजना के तहत विद्यार्थियों के चयन का मेरिट के आधार पर नए मापदंड निर्धारित किए गए हैं।
जनजातीय संस्कृति का संरक्षण और विकास
जनजातीय कार्य विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की समृद्ध जनजातीय विरासत को सहेजने पर जोर दिया।
जनजातीय सांस्कृतिक केंद्र: विशेष पिछड़ी जनजातियों की संस्कृति के संरक्षण के लिए चार जिलों में ‘जनजातीय सांस्कृतिक केंद्र’ स्थापित किए जाएंगे:
मंडला में बैगा जनजाति के लिए।
छिंदवाड़ा में भारिया जनजाति के लिए।
श्योपुर में सहरिया जनजाति के लिए।
धार में भील जनजाति के लिए।
योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन: ‘पीएम जनमन योजना’ और ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए गए, ताकि मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ ‘आदि कर्मयोगी अभियान’ के तहत समाज में प्रतिबद्ध नेतृत्व भी तैयार हो सके और जनजातीय समाज का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।
स्थानीय नायकों का सम्मान: जनजातीय पूजा स्थलों (देव स्थानों) का उन्नयन करने और स्थानीय जनजातीय नायकों के बलिदान को याद करने के लिए स्थानीय स्तर पर भव्य आयोजन करने के निर्देश दिए गए।
अनुसूचित जाति कल्याण विभाग की दो वर्षों की प्रमुख उपलब्धियां
छात्रावास: छात्रावासों की सीट क्षमता का अधिकतम उपयोग किया गया, वर्तमान में 90% से अधिक सीटें भरी हैं।
विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति: वर्ष 2025–26 में 31 नए विद्यार्थियों का चयन, 24 पहले से अध्ययनरत।
सिविल सेवा प्रोत्साहन: UPSC और MPPSC की तैयारी के लिए आर्थिक सहायता और आवास सुविधा, वर्ष 2024–25 में 271 विद्यार्थियों ने विभिन्न स्तरों पर सफलता पाई।
छात्रवृत्ति: IIT, IIM, NIT, NLIU, IIIT जैसे राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों में पढ़ने वाले 1819 विद्यार्थियों (2024–25) को छात्रवृत्ति दी गई।
अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन: योजना को ऑनलाइन किया गया, जिससे प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और समयबद्ध हुई।
ज्ञानोदय विद्यालय: 10 विद्यालय संचालित हैं, जिनमें छात्र-छात्राओं को आवासीय सुविधा मिल रही है।
स्व-रोजगार योजनाएं: संत रविदास स्व-रोजगार योजना और डॉ. भीमराव अम्बेडकर आर्थिक कल्याण योजना से युवाओं को ऋण उपलब्ध कराया गया।
पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति: सभी लंबित प्रकरणों का भुगतान लगभग पूरा कर दिया गया।
निर्माण कार्य: 63 छात्रावास भवनों में से 33 पूर्ण और 30 निर्माणाधीन हैं। प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत 150 में से 117 आंगनवाड़ी भवन पूरे हुए।
नवाचार:
POA Act मामलों का डिजिटल निराकरण: पीड़ितों को त्वरित राहत देने के लिए पूरी तरह ऑनलाइन, पारदर्शी और समयबद्ध व्यवस्था शुरू की गई, जिसमें MPTAASC और CCTNS पोर्टल का एकीकरण किया गया।
अंतरजातीय विवाह योजना का ऑनलाइन सत्यापन: ऑनलाइन आवेदन प्रणाली वर्ष 2025-26 में शुरू की गई।
अगले तीन वर्षों की कार्य योजना:
IT सुधार और डिजिटलीकरण: MPTAASC पोर्टल का संपूर्ण डिजिटलीकरण, जिसमें सभी योजनाओं को मार्च 2026 तक ऑनलाइन लाने का लक्ष्य है।
दिल्ली छात्रगृह योजना: विद्यार्थियों की संख्या 50 से बढ़ाकर 200 करने और मासिक सहायता ₹1,766 से बढ़ाकर ₹10,000 करने का प्रस्ताव है।
जनजातीय कार्य विभाग की दो वर्षों की प्रमुख उपलब्धियां
शिक्षण संस्थान: एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में 1846 नियुक्तियां। 153 विशिष्ट आवासीय विद्यालयों में 54,000 और हाई/हायर सेकेंडरी स्कूलों में 2,69,000 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं।
वित्तीय सहायता: 1,43,000 विद्यार्थियों को आवास सहायता के रूप में ₹240.42 करोड़ और 23,59,000 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति के रूप में ₹766 करोड़ का वितरण किया गया।
प्रतियोगी परीक्षा प्रोत्साहन: सिविल सेवा परीक्षा में सफल 1250 विद्यार्थियों को ₹2.60 करोड़ की प्रोत्साहन राशि दी गई।
जनजाति गौरव दिवस: भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर राज्य, जिला, विकासखंड, ग्राम पंचायत और ग्राम स्तर पर भव्य आयोजन।
पीएम जनमन योजना: 1.28 लाख से अधिक PM आवास पूरे। ऑन-ग्रिड बिजली से 26,810 से अधिक और सोलर विद्युतीकरण से 835 घरों में बिजली प्रदान की गई। 224 किमी सड़क और 40 बहुउद्देशीय केंद्र पूर्ण।
धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान: प्रधानमंत्री आवास में 44 हजार से अधिक मकान पूर्ण। जल जीवन मिशन में 4,245 ग्राम ‘हर घर जल’ से जुड़े।
स्वास्थ्य और कनेक्टिविटी: 66 मोबाइल मेडिकल यूनिट संचालित, 4,40,977 जनजातीय मरीजों का रजिस्ट्रेशन। 42 बसाहटों में मोबाइल कनेक्टिविटी।
पुरस्कार: भारत सरकार द्वारा उत्कृष्ट कार्य के लिए जिला शिवपुरी को ‘Best Performing District’ और मध्यप्रदेश को ‘Best Performing State’ का अवार्ड मिला।
नवाचार:
संग्रहालयों की स्थापना: श्री बादल भोई संग्रहालय (छिंदवाड़ा) और राजा शंकर शाह कुंवर रघुनाथ शाह संग्रहालय (जबलपुर) की स्थापना।
जीआई टैग: डिंडोरी जिले की गोंड पेंटिंग को जीआई टैग मिला।
मोबाइल एप्लीकेशन: निरीक्षण के लिए परख ऐप, योजनाओं की जानकारी के लिए शालिनी ऐप, और प्रधानमंत्री के भाषणों का भीली भाषा में अनुवाद के लिए आदिवाणी ऐप शुरू किए गए।
अगले तीन वर्षों की कार्य योजना:
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा: मध्यप्रदेश विज़न डाक्यूमेंट 2047 के अनुसार अधोसंरचना, स्मार्ट क्लास, लैब एवं लाइब्रेरी सुविधाओं का उन्नयन।
शिक्षण संस्थानों की स्थापना: प्रत्येक जनजातीय विकासखंड में सांदीपनि विद्यालय, एकलव्य विद्यालय, माता शबरी कन्या शिक्षा परिसर, और बालक आदर्श आवासीय विद्यालय की स्थापना।
सांस्कृतिक गतिविधियाँ: 88 जनजातीय विकासखंडों में कला भवन की स्थापना। 8 वन्या रेडियो केंद्रों का उन्नयन।
















