मध्यप्रदेश में आयुर्वेद और वन संपदा का नया अध्याय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया 11वें अंतरराष्ट्रीय वन मेले का आगाज़

भोपाल (एजेंसी)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को लाल परेड ग्राउंड में सात दिवसीय 11वें अंतरराष्ट्रीय वन मेले (17 से 23 दिसंबर) का विधिवत उद्घाटन किया। इस वर्ष यह मेला “समृद्ध वन, खुशहाल जन” के संकल्प के साथ आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य की वन संपदा के संरक्षण और आयुर्वेद के विस्तार को लेकर सरकार की भविष्य की योजनाओं को साझा किया।
वन मेले की मुख्य विशेषताएँ
इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में वनोपज और आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए व्यापक व्यवस्था की गई है:
प्रदर्शनी और स्टॉल्स: मेले में आयुर्वेदिक उत्पादों के 350 से अधिक स्टॉल्स लगाए गए हैं, जिनमें भूटान और नेपाल जैसे देशों सहित विभिन्न राज्यों की सहभागिता है।
निःशुल्क परामर्श: आम जनता के स्वास्थ्य लाभ के लिए 80 आयुर्वेदिक डॉक्टर और 100 से अधिक अनुभवी वैद्य निःशुल्क चिकित्सा परामर्श दे रहे हैं।
सांस्कृतिक और खान-पान: आगंतुक अलीराजपुर के ‘दालपानिया’ और बांधवगढ़ के ‘गोंडी व्यंजनों’ जैसे पारंपरिक स्वादों का आनंद ले सकेंगे।
आयुर्वेद और चिकित्सा शिक्षा में विस्तार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि आयुर्वेद हमारी जीवनशैली का अभिन्न अंग है। उन्होंने महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि जहाँ प्रदेश में पहले केवल 7 सरकारी आयुर्वेद कॉलेज थे, वहीं बीते एक साल में 8 नए शासकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय खोले गए हैं। उन्होंने कोरोना काल का उदाहरण देते हुए आयुर्वेदिक काढ़े की महत्ता को रेखांकित किया और योग व पारंपरिक चिकित्सा को आधुनिक विज्ञान के साथ मिलकर आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
वन्य-प्राणी संरक्षण: अब दिखेंगे गैंडे और जिराफ
प्रदेश की जैव-विविधता को समृद्ध करने के लिए सरकार नए कदम उठा रही है:
नए वन्यजीव: मध्यप्रदेश के जंगलों में जल्द ही जंगली गैंडे और जिराफ आकर्षण का केंद्र बनेंगे।
चीता प्रोजेक्ट: वर्ष 2026 में रानी दुर्गावती (नौरादेही) अभयारण्य में चीतों को बसाने की योजना पर कार्य चल रहा है।
संरक्षण: सरकार लगातार राष्ट्रीय उद्यानों और अभयारण्यों के दायरे को बढ़ा रही है।
आदिवासी और वनोपज संग्राहकों का सशक्तिकरण
वनोपज पर निर्भर परिवारों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए मुख्यमंत्री ने कई घोषणाएँ कीं:
तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस के माध्यम से आर्थिक मजबूती प्रदान की जा रही है।
ट्राईफेड के माध्यम से 32 लघु वनोपज के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में 25 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।
कार्यक्रम में ‘लघु वनोपज हमारी शान’ गीत और ‘विंध्या हर्बल’ के नए लोगो व वेलनेस किट का विमोचन भी किया गया।
उज्जैन में भी होगा आयोजन
वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री श्री दिलीप अहिरवार ने बताया कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में अब उज्जैन में भी वन मेले का आयोजन किया जाएगा, ताकि मालवा क्षेत्र के लोग भी इस परंपरा और आयुर्वेद से जुड़ सकें।
इस अवसर पर विधायक श्री भगवान दास सबनानी, अपर मुख्य सचिव (वन) श्री अशोक बर्णवाल सहित वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
















