तंबाकू और पान मसाला पर लगेगा नया सेस : 1 फरवरी से बढ़ेंगी कीमतें

नई दिल्ली (एजेंसी)। अगर आप तंबाकू उत्पादों या पान मसाला का सेवन करते हैं, तो अपनी जेब थोड़ी और ढीली करने के लिए तैयार हो जाइए। केंद्र सरकार ने देश के टैक्स ढांचे में एक महत्वपूर्ण बदलाव की घोषणा की है, जिसके तहत 1 फरवरी 2026 से ‘हेल्थ और नेशनल सिक्योरिटी सेस’ लागू किया जाएगा। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, वर्तमान में लागू जीएसटी कंपनसेशन सेस को हटाकर अब अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (Additional Excise Duty) लगाया जाएगा, जिससे सिगरेट, बीड़ी और गुटखा जैसी चीजों के दाम काफी बढ़ जाएंगे।
नए टैक्स स्लैब और नियम
सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, तंबाकू उत्पादों पर कर की व्यवस्था कुछ इस प्रकार होगी:
पान मसाला और सिगरेट: इन पर 40% की दर से जीएसटी (GST) लगेगा।
बीड़ी: बीड़ी पर जीएसटी की दर 18% निर्धारित की गई है।
अतिरिक्त सेस: जीएसटी के ऊपर ‘हेल्थ एवं नेशनल सिक्योरिटी सेस’ और एडिशनल एक्साइज ड्यूटी भी जोड़ी जाएगी।
इस दोहरे टैक्स के कारण उपभोक्ताओं पर पड़ने वाला कुल वित्तीय बोझ पहले के मुकाबले काफी अधिक हो जाएगा। साथ ही, सरकार ने टैक्स चोरी रोकने के लिए तंबाकू और गुटखा बनाने वाली पैकिंग मशीनों के पंजीकरण और संचालन के लिए भी कड़े नियम लागू किए हैं।
शेयर बाजार में मची हलचल
सरकार के इस कड़े रुख का असर बाजार पर तुरंत दिखाई दिया। तंबाकू क्षेत्र से जुड़ी बड़ी कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई:
ITC: इस दिग्गज कंपनी के शेयर करीब 10% लुढ़क कर अपने 18 महीने के सबसे निचले स्तर पर आ गए।
गॉडफ्रे फिलिप्स: इनके शेयरों में 15% से ज्यादा की बड़ी गिरावट देखी गई और यह 2,335 रुपये के स्तर पर बंद हुए।
निवेशकों को डर है कि कीमतों में इजाफा होने से इन उत्पादों की मांग में कमी आएगी, जिसका सीधा असर कंपनियों के मुनाफे पर पड़ेगा।
जन-स्वास्थ्य और सुरक्षा पर फोकस
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम के पीछे सरकार का उद्देश्य केवल खजाना भरना नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा करना भी है। हानिकारक उत्पादों को महंगा करके सरकार लोगों को इनके सेवन से हतोत्साहित करना चाहती है। इसके साथ ही, इस टैक्स से होने वाली कमाई का इस्तेमाल राष्ट्रीय सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में किया जाएगा।
















