इंदौर दूषित जल मामला : मुख्यमंत्री की बड़ी कार्रवाई, अपर आयुक्त हटाए गए

इंदौर (एजेंसी)। मध्यप्रदेश के इंदौर में दूषित पेयजल के कारण हुई दुखद मौतों के मामले में राज्य सरकार ने सख्त रुख अख्तियार किया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई करते हुए इंदौर नगर निगम के अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया को उनके पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है।
सख्त प्रशासनिक कदम
मुख्यमंत्री ने इस गंभीर लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए न केवल अपर आयुक्त को हटाया, बल्कि जल वितरण विभाग के प्रभारी अधीक्षण यंत्री से उनका प्रभार भी वापस ले लिया है। इसके साथ ही, नगर निगम आयुक्त को इस पूरे मामले में ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी कर जवाब मांगा गया है।
समीक्षा बैठक और भविष्य की योजना
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मुख्य सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर इंदौर की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान अपर मुख्य सचिव (नगरीय प्रशासन एवं विकास) द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इंदौर नगर निगम में रिक्त पड़े आवश्यक पदों को जल्द से जल्द भरा जाए ताकि व्यवस्था में सुधार हो सके।
सरकार की आगामी रणनीतियां:
पूरे प्रदेश में निगरानी: इंदौर जैसी घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रदेश के सभी 16 नगर निगमों की समीक्षा की जाएगी।
उच्च स्तरीय बैठक: मुख्यमंत्री आज शाम सभी महापौरों, जिला कलेक्टरों, और स्वास्थ्य एवं नगरीय विकास विभाग के अधिकारियों के साथ एक वर्चुअल बैठक करेंगे।
समयबद्ध कार्यक्रम: पेयजल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को एक निश्चित समय सीमा के भीतर सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी जिम्मेदार अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा और पूरे प्रदेश में जल वितरण प्रणाली को सुदृढ़ करने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं।
















