कड़ाके की ठंड में संवेदनशीलता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रैन बसेरों का औचक निरीक्षण कर बांटे कंबल

भोपाल (एजेंसी)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार देर रात भोपाल की सड़कों पर उतरकर कड़ाके की ठंड के बीच व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने तलैया स्थित ‘यादगार-ए-शाहजहानी पार्क’ के रैन बसेरे का आकस्मिक निरीक्षण किया और वहां ठहरे हुए बेसहारा व जरूरतमंद लोगों से सीधा संवाद किया।
मानवता की मिसाल: खुद चाय पिलाई और हाल-चाल जाना
मुख्यमंत्री ने न केवल रैन बसेरे की सुविधाओं को देखा, बल्कि वहां मौजूद राहगीरों और बुजुर्गों के साथ जमीन पर बैठकर आत्मीय चर्चा की। उन्होंने अपने हाथों से सभी को गर्मागर्म चाय पिलाई और कड़कड़ाती ठंड से राहत दिलाने के लिए कंबल वितरित किए।
मुख्यमंत्री के इस दौरे के कुछ प्रमुख बिंदु:
चौराहों पर अपनों के बीच: रैन बसेरे पहुँचने से पहले मुख्यमंत्री ने शौर्य द्वार (लाल परेड ग्राउंड) और काली मंदिर के पास रुके हुए बुजुर्गों और महिलाओं से मुलाकात की।
त्वरित चिकित्सा सहायता: निरीक्षण के दौरान सुबोध जोसेफ नामक एक व्यक्ति ने अपनी कमर दर्द की शिकायत की। मुख्यमंत्री ने तत्काल संवेदनशीलता दिखाते हुए कलेक्टर और निगमायुक्त को उनके समुचित उपचार और हर संभव मदद के निर्देश दिए।
व्यवस्थाओं की समीक्षा: रैन बसेरे में ठहरे लोगों ने मुख्यमंत्री को बताया कि वहां हीटर, भोजन और सोने के पुख्ता इंतजाम हैं, जिससे वे संतुष्ट नजर आए।
“कोई भी गरीब नहीं रहेगा बेसहारा”
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि शहर के सभी आश्रय गृहों में उत्कृष्ट व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार गरीब कल्याण के प्रति संकल्पित है। कड़ाके की सर्दी में किसी भी व्यक्ति को खुले में सोने या असुविधा झेलने की जरूरत नहीं है। सरकार हर वंचित वर्ग के साथ खड़ी है।”
प्रशासनिक सक्रियता
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के साथ भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय, कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह, नगर निगम कमिश्नर संस्कृति जैन और अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे नियमित रूप से इन रैन बसेरों की निगरानी करें ताकि अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को भी शासन की योजनाओं का लाभ मिल सके।
जनता ने मुख्यमंत्री की इस सहृदयता की सराहना करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया।
















