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शराब घोटाला केस : पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को मिली जमानत, 6 महीने बाद जेल से आए बाहर

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में जेल में बंद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। उच्च न्यायालय द्वारा नियमित जमानत दिए जाने के बाद शनिवार को उन्हें जेल से रिहा कर दिया गया। रिहाई के समय जेल परिसर के बाहर बड़ी संख्या में कांग्रेस समर्थकों और कार्यकर्ताओं का जमावड़ा रहा, जिन्होंने ढोल-नगाड़ों के साथ उनका स्वागत किया।

जमानत के लिए कोर्ट ने रखीं कड़ी शर्तें

हाईकोर्ट ने चैतन्य बघेल को रिहा करने के साथ ही कुछ अनिवार्य शर्तें भी लागू की हैं:

पासपोर्ट जमा करना: उन्हें अपना पासपोर्ट ट्रायल कोर्ट के पास सरेंडर करना होगा।

गवाहों को प्रभावित न करना: वे केस से संबंधित किसी भी व्यक्ति या गवाह को डराने-धमकाने या प्रलोभन देने का प्रयास नहीं करेंगे।

जानकारी साझा करना: निवास स्थान या मोबाइल नंबर बदलने की स्थिति में उन्हें तत्काल न्यायालय को सूचित करना होगा।

जिला एवं सत्र न्यायालय से आदेश की प्रति पहुंचने के बाद कानूनी औपचारिकताओं को पूरा कर उन्हें दोपहर तक रिहा कर दिया गया।

रिहाई पर ‘पोस्टर वॉर’ और गरमाई सियासत

चैतन्य बघेल की रिहाई के बाद शहर में “सत्यमेव जयते” के पोस्टर लगाए गए, जिस पर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है।

भाजपा का प्रहार: कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए इसे ‘परिवारवाद’ का उदाहरण बताया। उन्होंने सवाल किया कि इसी मामले में बंद अन्य नेताओं के लिए ऐसे पोस्टर क्यों नहीं लगाए गए? नेताम ने स्पष्ट किया कि गिरफ्तारियां तथ्यों के आधार पर हुई हैं।

कांग्रेस का पक्ष: कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस रिहाई को सत्य की जीत करार दिया है।

चैतन्य बघेल जुलाई 2025 से न्यायिक हिरासत में थे। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस घोटाले में दाखिल अपनी पूरक चार्जशीट में उन्हें और कवासी लखमा को ‘राजनीतिक एजेंट’ के तौर पर नामित किया है। जांच एजेंसी का आरोप है कि शराब सिंडिकेट के माध्यम से अवैध धन की उगाही की गई थी। इस पूरे मामले में अब तक 80 से अधिक लोगों को आरोपी बनाया जा चुका है।

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