वेनेजुएला में बड़ा सत्ता उलटफेर : निकोलस मादुरो अमेरिकी हिरासत में, न्यूयॉर्क कोर्ट में होगी सुनवाई

वाशिंगटन/न्यूयॉर्क (एजेंसी)। अमेरिका और वेनेजुएला के कूटनीतिक संबंधों में अब तक का सबसे बड़ा भूचाल आया है। शुक्रवार रात अमेरिकी सेना द्वारा की गई एक अप्रत्याशित सैन्य कार्रवाई के दौरान वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को कराकास स्थित उनके निवास से हिरासत में ले लिया गया। ताजा जानकारी के अनुसार, दोनों को एक अमेरिकी युद्धपोत के जरिए न्यूयॉर्क पहुँचाया गया है।
नार्को-आतंकवाद के आरोपों में गिरफ्तारी
रविवार को न्यूयॉर्क पहुँचने के बाद मादुरो को ड्रग एनफोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन (DEA) के केंद्र में लाया गया। सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में पूर्व राष्ट्रपति को हथकड़ियों में देखा गया है। अमेरिकी अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी ने स्पष्ट किया है कि मादुरो और उनकी पत्नी पर नार्को-आतंकवाद और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नशीली दवाओं की तस्करी की साजिश रचने के गंभीर आरोप हैं। उल्लेखनीय है कि अमेरिका ने मादुरो की गिरफ्तारी पर पहले ही 1.5 करोड़ डॉलर के इनाम की घोषणा की थी।
वेनेजुएला में प्रशासनिक बदलाव: डेल्सी रोड्रिगेज ने संभाली कमान
राष्ट्रपति की अनुपस्थिति में वेनेजुएला के भीतर भी सत्ता का स्वरूप बदल गया है।
कार्यवाहक राष्ट्रपति: वेनेजुएला के सुप्रीम कोर्ट ने उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज को कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में नियुक्त करने का आदेश दिया है।
अदालत का तर्क: संवैधानिक पीठ ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा और शासन की निरंतरता बनाए रखने के लिए यह कदम अनिवार्य था।
ट्रंप का रुख और कानूनी पेच
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मामले पर बयान देते हुए कहा कि हालात सामान्य होने तक अमेरिका वहां की प्रशासनिक व्यवस्था की निगरानी में सहयोग करेगा। हालांकि, इस पूरी सैन्य कार्रवाई की वैधानिकता पर सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि इस ऑपरेशन के लिए अमेरिकी कांग्रेस से पूर्व अनुमति ली गई थी या नहीं।
अब पूरी दुनिया की निगाहें मैनहट्टन की संघीय अदालत पर टिकी हैं, जहाँ मादुरो को पेश किया जाना है।
















