स्काउट्स-गाइड्स विवाद : सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने खटखटाया हाई कोर्ट का दरवाजा

रायपुर। छत्तीसगढ़ में आयोजित होने वाली ‘राष्ट्रीय रोवर रेंजर जंबूरी’ को लेकर चल रहा विवाद अब कानूनी गलियारों में पहुँच गया है। रायपुर के सांसद और स्काउट्स एंड गाइड्स के मौजूदा अध्यक्ष बृजमोहन अग्रवाल ने अपने पद से हटाए जाने की प्रक्रिया को चुनौती देते हुए छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है।
याचिका में लगाए गए गंभीर आरोप
सांसद बृजमोहन अग्रवाल का तर्क है कि उन्हें अध्यक्ष पद से मुक्त करने का निर्णय पूरी तरह असंवैधानिक है। याचिका में निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं को उठाया गया है:
एकतरफा कार्रवाई: सांसद का आरोप है कि उन्हें हटाने से पहले न तो कोई नोटिस दिया गया और न ही उनका पक्ष सुना गया।
प्रक्रिया का उल्लंघन: याचिका के अनुसार, बिना किसी पूर्व सूचना के की गई यह कार्रवाई नियमों के विरुद्ध है।
अधिकार क्षेत्र: अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि 5 जनवरी को उन्होंने वैधानिक अध्यक्ष के रूप में बैठक की थी, जिसमें जंबूरी को स्थगित करने का फैसला लिया गया था।
विवाद की जड़: दो दावेदार और एक आयोजन
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब सत्ता और संगठन के बीच वर्चस्व की लड़ाई छिड़ गई। मामले के मुख्य पहलू इस प्रकार हैं:
नेतृत्व का टकराव: 13 दिसंबर 2025 को स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव को स्काउट्स एंड गाइड का पदेन अध्यक्ष मनोनीत करने का आदेश जारी हुआ। इसके बाद से ही सांसद और मंत्री, दोनों स्वयं को वास्तविक अध्यक्ष बता रहे हैं।
भ्रष्टाचार के आरोप: बृजमोहन अग्रवाल का दावा है कि जंबूरी के आयोजन में 10 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता हुई है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम नवा रायपुर में होना था, लेकिन नियमों को ताक पर रखकर इसे बालोद के दुधली में शिफ्ट कर दिया गया।
आयोजन पर संशय: जहाँ एक तरफ अग्रवाल गुट ने प्रशासनिक और वित्तीय खामियों के कारण आयोजन टालने की घोषणा की है, वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ भारत स्काउट्स एवं गाइड्स ने प्रेस नोट जारी कर कहा है कि 9 से 13 जनवरी तक बालोद में जंबूरी का आयोजन यथावत रहेगा।
वर्तमान में स्थिति यह है कि 9 जनवरी से बालोद में कार्यक्रम शुरू होना प्रस्तावित है, लेकिन हाई कोर्ट में दायर इस याचिका पर होने वाली त्वरित सुनवाई पूरे मामले की दिशा बदल सकती है।
















