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सुरक्षा क्षेत्र में डिजिटल क्रांति : गृह मंत्री ने ‘राष्ट्रीय IED डेटा प्रबंधन प्रणाली’ का किया शुभारंभ

नई दिल्ली (एजेंसी)। भारत की आंतरिक सुरक्षा को अत्याधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को देश के पहले नेशनल आईईडी डेटा मैनेजमेंट सिस्टम (NIDMS) का उद्घाटन किया। राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) द्वारा तैयार किया गया यह डिजिटल प्लेटफॉर्म आईईडी (IED) से जुड़ी सूचनाओं के संकलन और साझाकरण को एक नई परिभाषा देगा।

सुरक्षा ढांचे में आएगा बड़ा बदलाव

इस अवसर पर गृह मंत्री ने सुरक्षा बलों के बीच आपसी समन्वय (Inter-agency coordination) पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह सिस्टम सही समय पर सटीक जानकारी उपलब्ध कराकर आतंकी साजिशों को नाकाम करने में गेम-चेंजर साबित होगा।

NIDMS की मुख्य विशेषताएं और लाभ:

डेटा का एकीकरण: सभी राज्यों की पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बल अब एक ही सुरक्षित प्लेटफॉर्म पर आईईडी संबंधी जानकारी साझा कर सकेंगे।

त्वरित विश्लेषण: यह प्लेटफॉर्म तकनीकी डेटा और फोरेंसिक रिपोर्ट का विश्लेषण कर भविष्य के खतरों को भांपने में मदद करेगा।

प्रशिक्षण और रणनीति: इसके माध्यम से सुरक्षा एजेंसियों के लिए नए ट्रेनिंग मॉड्यूल तैयार किए जाएंगे, जिससे बम निरोधक दस्तों की क्षमता बढ़ेगी।

आतंकवाद पर प्रहार: विद्रोही समूहों और आतंकी संगठनों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) के खिलाफ देश की जवाबी कार्रवाई अब अधिक सटीक और तेज होगी।

एनएसजी की विशेषज्ञता का लाभ

NSG के महानिदेशक बी. श्रीनिवासन के अनुसार, इस प्लेटफॉर्म को पिछले 11 महीनों की कड़ी मेहनत के बाद विकसित किया गया है। 1984 में अपनी स्थापना के बाद से ही, एनएसजी ने वैश्विक आतंकी घटनाओं का बारीकी से अध्ययन किया है। अब अपनी उसी विशेषज्ञता को डिजिटल रूप देकर एनएसजी ने देश की सभी सुरक्षा एजेंसियों को एक शक्तिशाली हथियार प्रदान किया है।

यह पोर्टल न केवल जांच प्रक्रियाओं को सरल बनाएगा, बल्कि फील्ड ऑपरेशन्स की योजना बनाने में भी सुरक्षा बलों का मार्गदर्शन करेगा।

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