ब्रेंट क्रिस्टेंसन बने बांग्लादेश में नए अमेरिकी राजदूत : द्विपक्षीय संबंधों को मिलेगी नई दिशा

वॉशिंगटन (एजेंसी)। अनुभवी राजनयिक ब्रेंट क्रिस्टेंसन ने आधिकारिक तौर पर बांग्लादेश में अमेरिका के राजदूत के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। हाल ही में आयोजित एक समारोह में अमेरिकी उप-विदेश मंत्री माइकल आर. मैकफॉल ने उन्हें पद की शपथ दिलाई। क्रिस्टेंसन की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब बांग्लादेश एक महत्वपूर्ण राजनीतिक बदलाव के दौर से गुजर रहा है।
अनुभव और रणनीतिक दृष्टिकोण
अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, ब्रेंट क्रिस्टेंसन के पास दक्षिण एशियाई मामलों, विशेषकर बांग्लादेश की नीतियों पर काम करने का 20 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है। अक्टूबर 2025 में उनके नाम पर मुहर लगने के बाद, सीनेट की विदेश संबंध समिति के समक्ष उन्होंने अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट की थीं। उन्होंने जोर दिया कि:
इंडो-पैसिफिक क्षेत्र: बांग्लादेश की भौगोलिक स्थिति इसे एक सुरक्षित और समृद्ध इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के लिए अनिवार्य बनाती है।
आर्थिक साझेदारी: अमेरिका और बांग्लादेश के बीच व्यापारिक संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करना उनकी प्राथमिकता होगी।
लोकतांत्रिक प्रक्रिया: बांग्लादेश में आगामी चुनाव देश के भविष्य के लिए निर्णायक साबित होंगे।
बांग्लादेश के लिए महत्वपूर्ण समय
क्रिस्टेंसन का कार्यकाल एक ऐतिहासिक मोड़ पर शुरू हो रहा है। अगस्त 2024 में हुए छात्र आंदोलनों के बाद देश की सत्ता में बड़ा परिवर्तन आया है। फरवरी 2026 में होने वाले चुनावों को लेकर अमेरिका लगातार नजर बनाए हुए है। क्रिस्टेंसन ने स्वयं स्वीकार किया है कि बांग्लादेश के लोग एक नया रास्ता चुनने के लिए तैयार हैं, जो दशकों में सबसे महत्वपूर्ण चुनाव होने जा रहा है।
अमेरिकी सीनेटरों ने भी हाल ही में अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस को पत्र लिखकर लोकतांत्रिक बहाली की दिशा में उनके प्रयासों का समर्थन किया है। नए राजदूत की उपस्थिति में अमेरिका अब ढाका के साथ सुरक्षा, व्यापार और मानवाधिकारों जैसे प्रमुख मुद्दों पर और अधिक सक्रियता से जुड़ाव की उम्मीद कर रहा है।
















