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पाकिस्तान में आतंकी गतिविधियों में भारी उछाल : 13 दिनों में 25 हमले, सुरक्षा बलों को भारी नुकसान

इस्लामाबाद (एजेंसी)। पाकिस्तान में साल 2026 की शुरुआत रक्तपात और अशांति के साथ हुई है। नए साल के शुरुआती 13 दिनों के भीतर ही देश के विभिन्न हिस्सों में 25 आतंकवादी घटनाएं दर्ज की गई हैं, जो सुरक्षा स्थिति की गंभीर तस्वीर पेश करती हैं।

हिंसा का बढ़ता ग्राफ और जनहानि

आंकड़ों के अनुसार, जनवरी के पहले पखवाड़े में ही आतंकी गतिविधियों में तेजी आई है, जिनमें से 11 हमले अकेले पिछले सात दिनों के भीतर हुए हैं। इन हमलों का मुख्य निशाना सुरक्षा बल और आम नागरिक रहे हैं:

हताहत: अब तक इन हमलों में 20 नागरिकों ने अपनी जान गंवाई है।

सुरक्षा बलों को नुकसान: आतंकवादियों से लोहा लेते हुए सेना, पुलिस और फ्रंटियर कॉर्प्स (FC) के 42 से ज्यादा जवान शहीद हो चुके हैं।

प्रमुख घटनाएं: * बलूचिस्तान: खुजदार इलाके में हुए एक बड़े हमले में फ्रंटियर कॉर्प्स के 6 जवानों की मौत हुई।

खैबर पख्तूनख्वा: टैंक जिले में पुलिस की टीम पर घात लगाकर हमला किया गया, जिसमें 7 पुलिसकर्मियों ने अपनी जान गंवाई।

जवाब में, सुरक्षा बलों ने भी आक्रामक रुख अपनाया है और दावा किया है कि अलग-अलग ऑपरेशन्स में अब तक 28 आतंकियों को मार गिराया गया है।

‘रेड सेल’ का गठन: पाकिस्तान की नई गुप्त नीति?

सुरक्षा संकट के बीच एक चौंकाने वाली खबर यह भी सामने आई है कि पाकिस्तानी सरकार अब विदेशी धरती पर भी आक्रामक रुख अपनाने की तैयारी में है।

सूत्रों के मुताबिक, 8 जनवरी 2026 को प्रधानमंत्री ने ‘रेड सेल’ नामक एक गोपनीय ‘ब्लैक ऑप्स’ टीम बनाने की अनुमति दी है। इस टीम का मुख्य उद्देश्य विदेशों में रह रहे उन व्यक्तियों को निशाना बनाना है जिन पर पाकिस्तान में अशांति फैलाने या आतंकी गतिविधियों को वित्तीय और वैचारिक समर्थन देने का संदेह है।

महत्वपूर्ण तथ्य: यह कदम ब्रिटेन और अमेरिका में हाल ही में हुए कुछ संदिग्ध लक्षित हमलों (Targeted Attacks) के संदर्भ में देखा जा रहा है। इन चर्चाओं में मेजर (रिटायर्ड) आदिल राजा और मोईद पीरजादा जैसे नामों का उल्लेख मिल रहा है, जो लंबे समय से पाकिस्तानी सेना की नीतियों के आलोचक रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि ‘रेड सेल’ का गठन पाकिस्तानी सेना की उस पुरानी रणनीति का हिस्सा हो सकता है, जिसके तहत वह सीमाओं के बाहर अपने विरोधियों पर दबाव बनाने का प्रयास करती रही है।

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