पश्चिम एशिया में बढ़ती हलचल : अमेरिका ने तैनात किया अपना शक्तिशाली विमानवाहक पोत ‘USS अब्राहम लिंकन’

वाशिंगटन (एजेंसी)। ईरान में गहराते आंतरिक संकट और क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच अमेरिका ने एक बड़ा रणनीतिक कदम उठाया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अमेरिकी नौसेना का विशालकाय विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन (USS Abraham Lincoln) अब पश्चिम एशिया की ओर बढ़ रहा है। इससे पहले यह युद्धपोत दक्षिण चीन सागर में तैनात था।
मुख्य घटनाक्रम और रिपोर्ट
व्हाइट हाउस की वरिष्ठ संवाददाता केली मेयर ने सूत्रों के हवाले से इस खबर की पुष्टि की है। उनके अनुसार, ईरान के साथ जारी गतिरोध को देखते हुए अमेरिकी सैन्य संसाधनों को पश्चिम एशिया की ओर मोड़ा जा रहा है। अनुमान है कि यह युद्धपोत अगले एक सप्ताह के भीतर अपने गंतव्य तक पहुँच जाएगा।
तनाव के पीछे के प्रमुख कारण
वर्तमान में पश्चिम एशिया की स्थिति काफी संवेदनशील बनी हुई है, जिसके मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
ईरान में आंतरिक विद्रोह: आर्थिक बदहाली के कारण ईरान के विभिन्न हिस्सों में उग्र प्रदर्शन हो रहे हैं। अपुष्ट खबरों के मुताबिक, इन प्रदर्शनों में अब तक हजारों लोगों की जान जा चुकी है।
हवाई क्षेत्र पर पाबंदी: तनाव को देखते हुए ईरान ने अपना एयरस्पेस (हवाई क्षेत्र) बंद कर दिया है।
कूटनीतिक वार-पलटवार: जहाँ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने प्रदर्शनकारियों को समर्थन देने की बात कही है, वहीं ईरानी प्रशासन ने अमेरिका को किसी भी सैन्य हिमाकत के विरुद्ध कड़ी चेतावनी दी है। ईरान का कहना है कि वह कूटनीति का पक्षधर है, लेकिन अपनी सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा।
कितना घातक है USS अब्राहम लिंकन?
यूएसएस अब्राहम लिंकन को दुनिया के सबसे शक्तिशाली युद्धपोतों में गिना जाता है। इसकी मारक क्षमता और आधुनिकता इसे विशेष बनाती है:
विशेषता, विवरण
श्रेणी,निमित्ज क्लास (परमाणु ऊर्जा संचालित)
वजन,”लगभग 97,000 टन”
लंबाई,”करीब 1,092 फीट”
विमान क्षमता,90 लड़ाकू विमान ले जाने में सक्षम
फ्लाइट डेक,4.5 एकड़ का विशाल क्षेत्र
1989 से अमेरिकी नौसेना का हिस्सा रहा यह पोत समुद्र में चलते-फिरते एयरबेस की तरह काम करता है, जो किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई करने में सक्षम है।
















